मंत्रालय: 
महिला एवं बाल कल्याण
  • प्रस्तावित
    लोकसभा
    जनवरी 08, 2019
    Gray
  • महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री वीरेंद्र कुमार ने 8 जनवरी, 2019 को लोकसभा में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) बिल, 2019 पेश किया। बिल यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण एक्ट, 2012 में संशोधन करता है। यह एक्ट यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से बच्चों के संरक्षण का प्रयास करता है।
     
  • पेनेट्रेटिव यौन हमला: एक्ट के अंतर्गत अगर किसी व्यक्ति ने (i) किसी बच्चे के वेजाइना, मुंह, यूरेथ्रा या एनस में अपने पेनिस को डाला (पेनेट्रेट किया) है, या (ii) वह बच्चे से ऐसा करवाता है, या (iii) बच्चे के शरीर में कोई वस्तु डालता है, या (iv) अपना मुंह बच्चे के शरीर के अंगों को लगाता है, तो उसने पेनेट्रेटिव यौन हमला कहा जाता है। ऐसे अपराधों के लिए सात वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा भुगतनी पड़ सकती है और जुर्माना भरना पड़ सकता है। बिल इसमें न्यूनतम सजा को सात से दस वर्ष तक करता है। इसके अतिरिक्त बिल कहता है कि अगर कोई व्यक्ति 16 वर्ष से कम आयु के बच्चे पर पेनेट्रेटिव यौन हमला करता है तो उसे 20 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा भुगतनी पड़ सकती है और जुर्माना भरना पड़ सकता है।
     
  • गंभीर पेनेट्रेटिव यौन हमला: एक्ट कुछ एक्शंस को गंभीर पेनेट्रेटिव यौन हमला कहता है। इसमें ऐसे मामले शामिल हैं जब पुलिस अधिकारी, सशस्त्र सेनाओं के सदस्य, या पब्लिक सर्वेंट बच्चे पर पेनेट्रेटिव यौन हमला करें। इसमें ऐसे मामले भी शामिल हैं जहां अपराधी बच्चे का संबंधी हो, या हमले से बच्चे के सेक्सुअल ऑर्गेन्स घायल हो जाएं या बच्ची गर्भवती हो जाए, इत्यादि। बिल गंभीर पेनेट्रेटिव यौन हमले की परिभाषा में दो आधार और जोड़ता है। इनमें (i) हमले के कारण बच्चे की मौत, और (ii) प्राकृतिक आपदा के दौरान किया गया हमला शामिल है।
     
  • वर्तमान में गंभीर पेनेट्रेटिव यौन हमले में 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा भुगतनी पड़ सकती है और जुर्माना भरना पड़ सकता है। बिल न्यूनतम सजा को दस वर्ष से 20 वर्ष और अधिकतम सजा को मृत्यु दंड करता है।
     
  • गंभीर यौन हमला: एक्ट के अंतर्गत यौन हमले में वे एक्शंस शामिल हैं, जिनमें कोई व्यक्ति पेनेट्रेशन के बिना किसी बच्चे के वेजाइना, पेनिस, एनस या ब्रेस्ट को छूता है। गंभीर यौन हमले में ऐसे मामले शामिल हैं, जिनमें अपराधी बच्चे का संबंधी होता है या जिनमें बच्चे के सेक्सुअल ऑर्गन्स घायल हो जाते हैं, इत्यादि। बिल गंभीर यौन हमले में दो स्थितियों को और शामिल करता है। इनमें (i) प्राकृतिक आपदा के दौरान किया गया हमला, और (ii) जल्दी यौन परिपक्वता लाने के लिए बच्चे को हारमोन या कोई दूसरा रासायनिक पदार्थ देना या दिलवाना शामिल है।
     
  • पोर्नोग्राफिक उद्देश्य: एक्ट के अंतर्गत अगर कोई व्यक्ति यौन सुख पाने के लिए किसी प्रकार के मीडिया में बच्चे का इस्तेमाल करता है तो वह पोर्नोग्राफिक उद्देश्य के लिए बच्चे का इस्तेमाल करने का दोषी है। एक्ट उन लोगों को भी सजा देता है जो पोर्नोग्राफिक उद्देश्यों के लिए बच्चों का इस्तेमाल करने के दौरान उन पर यौन हमला करते हैं। बिल कुछ अपराधों के लिए सजा को बढ़ाता है, जैसा कि तालिका 1 में प्रदर्शित है।

तालिका 1: पोर्नोग्राफिक उद्देश्यों के लिए बच्चे का इस्तेमाल करने से जुड़ी सजा

अपराध

पॉक्सो एक्ट, 2012 

2018 का बिल

पोर्नोग्राफिक उद्देश्य के लिए बच्चे का इस्तेमाल

§ अधिकतम: 5 वर्ष

§ न्यूनतम: 5 वर्ष

पोर्नोग्राफिक उद्देश्य के लिए बच्चे के इस्तेमाल के दौरान पेनेट्रेटिव यौन हमला

§ न्यूनतम : 10 वर्ष

§ अधिकतम : आजीवन कारावास

§ कोई परिवर्तन नहीं

पोर्नोग्राफिक उद्देश्य के लिए बच्चे के इस्तेमाल के दौरान गंभीर पेनेट्रेटिव यौन हमला

§ आजीवन कारावास

§ न्यूनतम : 20 वर्ष

§ अधिकतम  आजीवन कारावास, या मृत्यु दंड

पोर्नोग्राफिक उद्देश्य के लिए बच्चे के इस्तेमाल के दौरान यौन हमला

§ न्यूनतम : छह वर्ष

§ अधिकतम : आठ वर्ष

§ न्यूनतम : तीन वर्ष

§ अधिकतम : पांच वर्ष

पोर्नोग्राफिक उद्देश्य के लिए बच्चे के इस्तेमाल के दौरान गंभीर यौन हमला

§ न्यूनतम : आठ वर्ष

§ अधिकतम : 10 वर्ष

§ न्यूनतम : पांच वर्ष

§ अधिकतम : सात वर्ष

स्रोत : यौन शोषण से बच्चों का संरक्षण (संशोधन) बिल, 2019; यौन शोषण से बच्चों का संरक्षण एक्ट 2012; पीआरएस

  • पोर्नोग्राफिक सामग्री का स्टोरेज: एक्ट कमर्शियल उद्देश्य के लिए पोर्नोग्राफिक सामग्री का स्टोरेज करने पर सजा का प्रावधान करता है। इस अपराध के लिए तीन वर्ष तक के कारावास, या जुर्माने, या दोनों की सजा हो सकती है। बिल इस प्रावधान में संशोधन करता है। बिल के अनुसार इस अपराध के लिए तीन से पांच वर्ष तक की सजा हो सकती है, या जुर्माना भरना पड़ सकता है या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं। इसके अतिरिक्त बिल में बच्चों से संबंधित पोर्नोग्राफिक सामग्री के स्टोरेज से जुड़े दो और अपराधों को जोड़ा गया है। इनमें (i) बच्चों से संबंधित पोर्नोग्राफिक सामग्री को नष्ट, डिलीट या रिपोर्ट करने में असफलता, और (ii) ऐसी किसी सामग्री को ट्रांसमिट, प्रचारित या प्रबंधित करना (ऐसा सिर्फ अथॉरिटीज़ को रिपोर्ट करने के उद्देश्य से किया जा सकता है) शामिल है।

 

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