मई 2019

इस अंक की झलकियां

लोकसभा के आम चुनावों के बाद नई केंद्रीय सरकार गठित

17वीं लोकसभा में कुल 542 संसद सदस्यों को चुना गया। भाजपा ने कुल 303 सीटों पर जीत हासिल की और उसने अपने सहयोगियों के साथ केंद्र सरकार बनाई।  

2018-19 में जीडीपी के 6.8% की दर से बढ़ोतरी का अनुमान, चौथी तिमाही में 5.8% की वृद्धि

2018-19 की पिछली तिमाही में 6.6% की वृद्धि के मुकाबले जनवरी से मार्च की तिमाही में जीडीपी की वृद्धि कम रही। सेवा और खनन को छोड़कर सभी क्षेत्रों में तीसरी तिमाही के मुकाबले वृद्धि दर में गिरावट रही।  

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 का मसौदा जारी

मसौदा नीति में शिक्षा क्षेत्र की मुख्य चुनौतियों को स्पष्ट किया गया है और वह कार्रवाई के लिए नीति संरचना तैयार करती है। इस नीति में शिक्षा क्षेत्र के परिणामों, शिक्षा संबंधी सुधारों और शिक्षकों के विकास को लक्षित किया गया है।

व्यापारियों के लिए पेंशन योजना को मंजूरी

योजना योगदान केंद्रित है और सभी दुकानदारों, रीटेल व्यापारियों और स्वरोजगार प्राप्त लोगों को 60 वर्ष की आयु के बाद प्रति माह 3,000 रुपए की न्यूनतम पेंशन प्रदान करती है।

पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे की वार्षिक रिपोर्ट जारी

2017-18 के सर्वेक्षण के निष्कर्ष निम्न हैं: (i) 15 से 59 वर्ष के आयु वर्ग में श्रम बल की भागीदारी दर (जनसंख्या में काम करने वाले या काम की तलाश करने वाले लोगों का प्रतिशत) 53% और (ii) बेरोजगारी दर 6.1% थी।

कैबिनेट ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए पीएम किसान पेंशन योजना को मंजूरी दी

योजना के अंतर्गत किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद प्रति माह 3,000 रुपए की न्यूनतम नियत पेंशन मिलेगी। किसानों के योगदान के बराबर की राशि केंद्र सरकार द्वारा भी दी जाएगी।

सभी किसान परिवारों को शामिल करने के लिए पीएम किसान योजना का दायरा बढ़ाया गया

पूर्व में दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को इस योजना के तहत लाभ मिलता था। अब सभी किसान परिवार इस योजना के दायरे में शामिल किए गए हैं, भले ही उनकी जमीन का आकार कितना भी हो।

आरबीआई ने भारत में पेमेंट और सेटलमेंट प्रणालियों पर विजन डॉक्यूमेंट जारी किया

विजन 2021 निम्नलिखित पर केंद्रित है () ग्राहक का असाधारण अनुभव, और () ऐसे इको-सिस्टम को संभव बनाना, जिसके अंतर्गत चार क्षेत्रों, प्रतिस्पर्धा, लागत, सुविधा और आत्मविश्वास में ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाना है।

मंत्रालय ने रक्षा उत्पादों के सेल्फ-सर्टिफिकेशन की योजना शुरू की

योजना का उद्देश्य वेंडर्स को इस बात के लिए प्रोत्साहित करना है कि वे अपने उत्पादों के टिकाऊपन और गुणवत्ता में सुधार की सीधी जिम्मेदारी लें।     

मंत्रालय ने डीजल में सम्मिश्रण के लिए बायोडीजल की बिक्री हेतु दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया

दिशानिर्देशों में परिवहन के लिए केवल देसी स्तर पर उत्पादित बायोडीजल का उपयोग, रजिस्ट्रेशन प्रणाली, रीटेल आउटलेट्स में अंग्रेजी/हिंदी तथा क्षेत्रीय भाषाओं में अलग-अलग बोर्ड्स लगाना शामिल हैं।

 

संसद

Anya Bharat Ram (anya@prsindia.org)

लोकसभा के आम चुनावों के बाद नई केंद्रीय सरकार गठित

मई 2019 में 17वीं लोकसभा के चुनाव समाप्त हुए और नई केंद्रीय सरकार का गठन किया गया। लोकसभा में कुल 542 सदस्यों को चुना गया। 17वें आम चुनावों में सर्वाधिक संख्या में सीटें हासिल करने वाली पार्टियों (10 सीटों से अधिक) की सूची निम्नलिखित है

तालिका 1: 17वें आम चुनावों के बाद पार्टियों की स्थिति

पार्टी

सीटों की संख्या

भारतीय जनता पार्टी

303

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

52

द्रविण मुनेत्र कषगम

23

युवाजन श्रमिका रायथु कांग्रेस पार्टी

22

अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस

22

शिवसेना

18

जनता दल (युनाइटेड)

16

बीजू जनता दल

12

बहुजन समाज पार्टी

10

अन्य

64

कुल

542

Sources: Election Commission of India, General Election to Lok Sabha Results, 2019, PRS.

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन ने अपने सहयोगियों के साथ प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार का गठन किया। [1]  नई कैबिनेट ने 30 मई, 2019 को शपथ ली। मंत्रियों की सूची अनुलग्नक में दी गई है। [2]

समष्टि आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) विकास

Gayatri Mann (gayatri@prsindia.org)

2018-19 में जीडीपी के 6.8% की दर से बढ़ने का अनुमान, चौथी तिमाही में 5.8% की वृद्धि

प्रोविजिनल अनुमानों के अनुसार 2018-19 में वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि स्थिर मूल्यों पर 6.8% है। [3]  यह 2017-18 में 7.2% की वृद्धि से कम का अनुमान है। 2018-19 की चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि, एक वर्ष पूर्व की उसी अवधि के मुकाबले 5.8% की दर से बढ़ी है। 3  यह 2018-19 की तीसरी तिमाही में 6.6% की वृद्धि से भी कम है। पिछले दो वित्तीय वर्षों में जीडीपी वृद्धि की तिमाही प्रवृत्ति को रेखाचित्र 1 में प्रदर्शित किया गया है।

रेखाचित्र 1: जीडीपी वृद्धि (वर्ष दर वर्ष, % में)

Sources: Ministry of Statistics and Programme Implementation; PRS.

आर्थिक क्षेत्रों में जीडीपी की वृद्धि को सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) में मापा जाता है। 2018-19 की तीसरी तिमाही में सेवा और खनन को छोड़कर सभी क्षेत्रों में वृद्धि में गिरावट आई। 2017-18 की तीसरी तिमाही में बिजली क्षेत्र में 8.3% की वृद्धि हुई, और चौथी तिमाही में 4.3% की। क्षेत्रगत जीवीए वृद्धि का विवरण तालिका 2 में प्रदर्शित है।

तालिका 2: 2018-19 की चौथी तिमाही में विभिन्न क्षेत्रों में सकल मूल्य संवर्धन (वर्ष दर वर्ष, % में)

क्षेत्र

तिमाही 4

2017-18

तिमाही 3

2018-19

तिमाही4

2018-19

कृषि

6.5%

2.8%

-0.1%

खनन

3.8%

1.8%

4.2%

मैन्यूफैक्चरिंग

9.5%

6.4%

3.1%

बिजली

9.2%

8.3%

4.3%

निर्माण

6.4%

9.7%

7.1%

सेवा

8.2%

7.2%

8.4%

जीवीए

7.9%

6.3%

5.7%

Note: GVA is GDP without taxes and subsidies, at constant prices (2011-12 base year). 

Sources: Central Statistics Office, MOSPI; PRS.

2018-19 की चौथी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन 0.5% बढ़ा

2017-18 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) की तुलना में 2018-19 की उसी अवधि में औद्योगिक उत्पादन के इंडेक्स (आईआईपी) में 0.5% की वृद्धि हुई। [4]  खनन में इस तिमाही में सबसे अधिक 2.2% की वृद्धि हुई, जबकि बिजली और मैन्यूफैक्चरिंग में क्रमशः 1.5% और 0.1% की वृद्धि हुई। पिछले वर्ष की तुलना में अप्रैल 2018 से मार्च 2019 में 2017-18 के मुकाबले आईआईपी की वृद्धि 3.6% रही।

रेखाचित्र 2 में 2018-19 की चौथी तिमाही में औद्योगिक उत्पादन में परिवर्तन को प्रदर्शित किया गया है।

रेखाचित्र 2: 2018-19 की चौथी तिमाही में आईआईपी की वृद्धि (वर्ष दर वर्ष)

Sources: Ministry of Statistics and Programme Implementation; PRS.

शिक्षा

Gayatri Mann (gayatri@prsindia.org)

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019 का मसौदा जारी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मसौदे हेतु गठित कमिटी (चेयर: डॉ. के. कस्तूरीरंगन) ने 31 मई, 2019 को अपनी रिपोर्ट जारी की।[5]  कमिटी को जून 2017 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत गठित किया गया था। रिपोर्ट एक ऐसी शिक्षा नीति को प्रस्तावित करती है जोकि निम्नलिखित चुनौतियों से निपटने का प्रयास करती है :

(i) पहुंच, (ii) समानता, (iii) गुणवत्ता, (iv) वहन करने योग्य, और (v) जवाबदेही, जिसका सामना मौजूदा शिक्षा प्रणाली कर रही है। कमिटी के मुख्य निष्कर्ष और सुझाव निम्नलिखित हैं:

  • शिक्षा का अधिकार (आरटीई) एक्ट, 2009: वर्तमान में आरटीई एक्ट छह से 14 वर्ष के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करता है। कमिटी ने सुझाव दिया कि इस एक्ट के दायरे में शुरुआती शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा को भी लाया जाए। इससे तीन वर्ष से 18 वर्ष के बच्चे भी इस एक्ट में शामिल हो जाएंगे।
  • इसके अतिरिक्त कमिटी ने सुझाव दिया कि निरंतर और व्यापक मूल्यांकन पर आरटीई एक्ट के हालिया सुझावों और नो डिटेंशन की नीति की समीक्षा की जानी चाहिए। नीति कहती है कि कक्षा आठ तक के बच्चों को फेल नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाय स्कूलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों का सीखने का स्तर उनकी आयु के अनुरूप हो।
  • स्कूलों की परीक्षाओं में सुधार: स्कूलों में बच्चों की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए कमिटी ने कक्षा तीन, पांच और आठ में स्टेट सेंसस एग्जाम का प्रस्ताव दिया। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के तनाव को कम करने के लिए कमिटी ने बोर्ड परीक्षाओं के पुनर्गठन का सुझाव दिया। उसने कहा कि मुख्य कॉन्सेप्ट्स, दक्षताओं और उच्च स्तरीय क्षमताओं की जांच करने वाली परीक्षाएं होनी चाहिए। इसके लिए बोर्ड की परीक्षाओं के स्थान पर इन-क्लास परीक्षाएं होनी चाहिए और विद्यार्थियों को प्रत्येक सेमिस्टर के अंत में विभिन्न विषयों पर बोर्ड एग्जाम की अनुमति दी जानी चाहिए।
  • उच्च शिक्षा: नीति में सुझाव दिया गया कि तीन प्रकार के उच्च शिक्षण संस्थान होने चाहिए: (i) शोध विश्वविद्यालय जोकि शोध और शिक्षण दोनों पर ध्यान केंद्रित करें, (ii) शिक्षण विश्वविद्यालय जोकि शिक्षण पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित करें लेकिन महत्वपूर्ण शोध भी करें, और (iii) कॉलेज, जोकि केवल अंडरग्रैजुएट शिक्षा दें।
  • इसके अतिरिक्त कमिटी ने राष्ट्रीय उच्च शिक्षा रेगुलेटरी अथॉरिटी को प्रस्तावित किया। अथॉरिटी उच्च शिक्षा के मौजूदा रेगुलेटर का स्थान लेगी जिसमें प्रोफेशनल शिक्षा भी शामिल है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को प्रशासनिक, शैक्षणिक और वित्तीय स्वायत्तता हासिल है।

श्रम और रोजगार

Roshni Sinha (roshni@prsindia.org)

व्यापारियों और दुकानदारों के लिए पेंशन योजना को मंजूरी

श्रम और रोजगार मंत्रालय ने व्यापारियों और दुकानदारों के लिए स्वैच्छिक न्यूनतम पेंशन योजना को मंजूरी दी।[6]  योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • न्यूनतम एश्योर्ड पेंशन: योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी को 60 वर्ष की आयु होने पर 3,000 रुपए प्रति माह की न्यूनतम ऐश्योर्ड पेंशन प्राप्त होनी चाहिए। केंद्र सरकार भी लाभार्थी के बराबर योगदान देगी।
  • पात्रता: योजना दुकानदारों, स्व रोजगार प्राप्त व्यक्तियों और खुदरा व्यापारियों पर लागू होगी जिनका जीएसटी टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से कम है और जोकि 18 से 40 वर्ष के बीच की आयु वाले हैं। इस योजना में नामांकित होने के लिए सबस्क्राइबर का बैंक खाता और आधार नंबर होना चाहिए। इच्छुक व्यक्ति देश के किसी भी कॉमन सर्विस सेंटर में खुद का नामांकन करा सकते हैं। कॉमन सर्विस सेंटर अनिवार्य पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज़, समाज कल्याण की योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, वित्तीय या शैक्षणिक सेवाओं की डिलिवरी के लिए एक्सेस प्वाइंड होता है।

पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे की वार्षिक रिपोर्ट जारी  

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे की पहली वार्षिक रिपोर्ट जारी की।[7] इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर रोजगार और बेरोजगारी के विभिन्न पहलुओं से संबंधित वार्षिक अनुमान दिए गए हैं। रिपोर्ट में जुलाई 2017 से जून 2018 के दौरान 1,02,113 परिवारों से जमा किए गए आंकड़े हैं। सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्ष निम्नलिखित हैं:

  • श्रम बल की भागीदारी दर (एलएफपीआर): 15-59 वर्ष की आयु के लिए एलएफपीआर 53% थी। इसमें से पुरुषों की एलएफपीआर 80.2% और महिलाओं के लिए 25.3% थी। एलएफपीआर उन लोगों का प्रतिशत होता है जो काम कर रहे हैं या काम की तलाश कर रहे हैं।
  • श्रमिक संख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर): 15-59 वर्ष की आयु के लिए डब्ल्यूपीआर 49.5% था। इसमें से पुरुषों के लिए डब्ल्यूपीआर 74.9% और महिलाओं के लिए 23.8% था। डब्ल्यूपीआर कुल जनसंख्या में कार्यरत लोगों का प्रतिशत होता है।
  • रोजगार के स्रोत: रिपोर्ट के अनुसार, अखिल भारतीय स्तर पर 52.2% लोगों की आय का मुख्य स्रोत स्वरोजगार था। इसके अतिरिक्त 24.9% का मुख्य स्रोत कैजुअल लेबर और 22.8% का दिहाड़ी मजदूरी/वेतन था।
  • बेरोजगारी दर: अखिल भारतीय बेरोजगारी दर 6.1% थी। पुरुषों के लिए बेरोजगारी दर 6.2% और महिलाओं के लिए 5.7% थी।
  • शहरी श्रम बल में बेरोजगारी दर 7.8% और ग्रामीण श्रम बल में 5.3% थी। शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की बेरोजगारी दर अधिक, 7.1% थी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 5.8%। महिलाओं की बेरोजगारी दर शहरी क्षेत्रों में 10.8% और ग्रामीण क्षेत्रों में 3.8% थी।

कृषि

Suyash Tiwari (suyash@prsindia.org)

कैबिनेट ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए पीएम किसान पेंशन योजना को मंजूरी दी

केंद्रीय कैबिनेट ने छोटे और सीमांत किसानों के लिए पीएम किसान पेंशन योजना को मंजूरी दी।[8],[9]  योजना किसानों को 60 वर्ष की आयु होने पर 3,000 रुपए प्रति माह की न्यूनतम नियत पेंशन प्रदान करेगी। यह एक स्वैच्छिक योजना है जिसमें किसान के योगदान की राशि के बराबर की राशि केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी। इस योजना में योगदान देने के लिए किसान की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। ऐसे ही किसान इस योजना के पात्र होंगे।

लाभार्थी की मृत्यु होने पर (60 वर्ष के बाद) उनके जीवनसाथी को पेंशन का पचास प्रतिशत प्राप्त करने का अधिकार होगा, बशर्ते वह इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी न हो। 60 वर्ष से पहले लाभार्थी की मृत्यु होने पर (जब वह योगदान दे रहा हो) उसका जीवनसाथी इस योजना में नियमित योगदान देने का विकल्प चुन सकता है।

योजना के अंतर्गत किसान यह विकल्प चुन सकता है कि उसके मासिक योगदान की राशि को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना के अंतर्गत प्रदत्त राशि से सीधा काट लिया जाए। इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस सेवाएं प्रदान करने के लिए गठित कॉमन सर्विस सेंटर्स में भी किसान मासिक योगदान दे सकते हैं।

इस योजना को केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जा रहा है और तीन वर्ष की अवधि में इसकी लागत 10,774 करोड़ रुपए अनुमानित है।

सभी किसान परिवारों को शामिल करने के लिए पीएम किसान योजना का दायरा बढ़ाया गया

केंद्रीय कैबिनेट ने सभी किसान परिवारों को शामिल करने के लिए पीएम किसान योजना का दायरा बढ़ाने को मंजूरी दी है। भले ही उनकी जोत का आकार कुछ भी हो।[10] इससे पूर्व केवल छोटे और सीमांत किसान परिवार, यानी दो हेक्टेयर से कम की जोत वाले किसान योजना के अंतर्गत 6,000 रुपए प्रति वर्ष की सहायता हासिल करने के पात्र थे। [11] हालांकि योजना के अंतर्गत कुछ एक्सक्लूजन जारी रहेंगे। अच्छी आर्थिक स्थिति वाले किसान परिवार इस योजना के पात्र नहीं होंगे जैसे : (i) जिनके पास संस्थागत भूमि स्वामित्व है, (ii) जिन परिवारों के एक या उससे अधिक सदस्य सरकारी कर्मचारी हैं, और (iii) जिन परिवारों का एक या उससे अधिक सदस्य आयकर भरता है।[12]

संशोधित योजना में लगभग दो करोड़ किसान और शामिल हो जाएंगे और लाभार्थियों की संख्या लगभग 14.5 करोड़ हो जाएगी। कवरेज बढ़ने से 2019-20 में योजना का व्यय 75,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 87,218 करोड़ रुपए हो जाएगा।

कैबिनेट ने पशुओं में बीमारियों को काबू करने के लिए कार्यक्रम को मंजूरी दी

केंद्रीय कैबिनेट ने देश में पशुओं में कुछ बीमारियों को काबू करने के लिए कार्यक्रम को मंजूरी दी।[13]  इन बीमारियों में पैरों और मुंह की बीमारी और ब्रूसेलोसिस शामिल हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य अगले पांच वर्षों में इन बीमारियों को काबू करना, और धीरे-धीरे उन्हें समाप्त करना है।

पैरों और मुंह की बीमारी एक ऐसी संक्रामक बीमारी है जिसके कारण बुखार, मुंह के अंदर और पैरों पर छाले हो जाते हैं। इससे पशु लंगड़ा कर चलता है और उसके मुंह से झाग निकलता है। इस बीमारी के चलते चार से छह महीने में गाय और भैंसें दूध देना बंद कर सकती हैं।

ब्रूसेलोसिस के कारण पशुओं में गर्भपात और इनफर्टिलिटी जैसी समस्याएं होती हैं और वे अपने जीवन काल में 30% तक कम दूध देते हैं। इस संक्रमण से मनुष्य भी प्रभावित हो सकते हैं।

मुंह और पैरों के संक्रमण को रोकने के लिए: (i) 30 करोड़ गोवंश (गाय, बैल और भैंसों), (ii) 20 करोड़ भेड़ों और बकरों, और (iii) एक करोड़ सुअरों को छह महीने के अंतराल में टीके लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त गोवंश के बछड़ों को शुरुआती टीके लगाए जाएंगे। ब्रूसेलोसिस को काबू करने के लिए 3.6 करोड़ मादा बछड़ों को 100% टीकाकरण कवरेज प्रदान किया जाएगा। इस कार्यक्रम को पूर्ण रूप से केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाएगा। इसके लिए 13,343 करोड़ रुपए के परिव्यय को मंजूरी दी गई है।

वित्त

Anurag Vaishnav (anurag@prsindia.org)

आरबीआई ने भारत में पेमेंट और सेटलमेंट प्रणालियों पर विजन डॉक्यूमेंट जारी किया

भारतीय रिजर्व बैंक ने भारत में पेमेंट और सेटलमेंट प्रणालियां: विजन 2019-2021 नामक डॉक्यूमेंट जारी किया। पेमेंट प्रणाली विजन 2021 का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय को ऐसे ई-पेमेंट विकल्पों की सुविधा प्रदान करके सशक्त करना है जो सुरक्षित, सुविधाजनक, तत्काल और सस्ते हों।[14]

विजन डॉक्यूमेंट के निम्नलिखित उद्देश्य हैं: (i) उपभोक्ताओं के अनुभवों को बढ़ाना, (ii) डिजिटल पेमेंट ऑपरेटरों और सर्विस प्रोवाइडरों को सशक्त करना, (iii) डिजिटल पेमेंट इको-सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर को संभव बनाना, और (iv) एक दूरंदेशी रेगुलेशन तैयार करना। 

इसके लिए विजन डॉक्यूमेंट में प्रतिस्पर्धा, लागत, सुविधा और आत्मविश्वास के चार गोल-पोस्ट्स की परिकल्पना की गई है और प्रत्येक गोल-पोस्ट के लिए विशिष्ट पहल को चिन्हित किया गया है। उदाहरण के लिए विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य ग्राहकों की सुविधा के लिए ग्राहक जागरूकता सर्वेक्षण कराना है।

डॉक्यूमेंट 12 विशिष्ट परिणामों को चिन्हित करता है, जैसे: (i) 2021 तक वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए डिजिटल भुगतान के इस्तेमाल में 35% की वृद्धि हासिल करना, और (ii) पेमेंट प्रणालियों में टेक्निकल डिकलाइन्स में गिरावट को 10% कम करना।

विजन डॉक्यूमेंट का उद्देश्य जीडीपी के प्रतिशत के रूप में कैश के सर्कुलेशन को कम करना है। इसके लिए देश में प्वाइंट ऑफ सेल्स (पीओएस) इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता में इजाफा किया जाएगा।

आरबीआई ने जनवरी 2019 में डिजिटल पेमेंट की गहनता पर उच्च स्तरीय कमिटी का गठन किया।[15]  कमिटी ने मई 2019 अपनी रिपोर्ट सौंपी है। [16]  आरबीआई कमिटी के सुझावों की जांच करेगा और जहां जरूरी होगा, वहां रिपोर्ट के एक्शन प्वाइंट्स को विजन डॉक्यूमेंट में शामिल करेगा।

फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स रेगुलेशंस पर वर्किंग ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट सौंपी

वर्किंग ग्रुप (डब्ल्यूजी) ने फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर्स (एफपीआई) रेगुलेशंस, 2014 पर अपने सुझाव सौंपे हैं। इन रेगुलेशंस की समीक्षा करने के लिए सेबी ने वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। [17]  डब्ल्यूजी के निम्नलिखित उद्देश्य थे (i) मौजूदा सर्कुलर्स और ऑपरेशनल दिशानिर्देशों को एफपीआई रेगुलेशंस में शामिल करना, (ii) मौजूदा दिशानिर्देशों को सरल और तर्कसंगत बनाना, और (iii) उदारीकरण ताकि एफपीआईज़ के लिए कारोबार को सहज किया जा सके।

डब्ल्यूजी के मुख्य सुझावों में निम्न शामिल हैं:

  • निवेश संबंधी प्रतिबंध: वर्तमान में एफपीआईज़ को लिस्टेड भारतीय कंपनी में सामूहिक रूप से 24% तक निवेश करने की अनुमति है। फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के अनुसार भारतीय कंपनियों को अपने क्षेत्र में सेक्टोरल कैप/कानूनी सीलिंग तक इस सीमा को बढ़ाने की अनुमति है। इसके लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मंजूरी होनी चाहिए।
  • वर्किंग ग्रुप ने सुझाव दिया कि निवेश की सीमा को सेक्टोरल कैप के बराबर रखा जाए और अगर बोर्ड का प्रस्ताव पारित हो जाता है तो कंपनियां उस सीमा को कम भी कर सकें।
  • केवाईसी और दस्तावेजीकरण को सरल बनाना: वर्किंग ग्रुप ने सुझाव दिया कि नो योर कस्टमर (केवाईसी) प्रक्रिया के सर्टिफिकेशन और वैरिफिकेशन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। उदाहरण के लिए मौजूदा एफपीआईज़ से केवाईसी के लिए सेल्फ-सर्टिफाइड सपोर्टिंग दस्तावेजों को जमा करने की अपेक्षा की जाती है। डब्ल्यूजी ने सुझाव दिया कि सेल्फ-सर्टिफिकेशन की इस प्रक्रिया को वैकल्पिक बनाया जाए।
  • एफपीआई रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया: वर्किंग ग्रुप ने इनवेस्टर्स के एक सेट, जैसे पेंशन फंड्स के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को फास्ट-ट्रैक बनाने का सुझाव दिया।

रिपोर्ट पर 14 जून, 2019 तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित हैं।

नए प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार करने वाले टास्क फोर्स की अवधि दो महीने बढ़ाई गई

Suyash Tiwari (suyash@prsindia.org)

वित्त मंत्रालय ने नए प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए टास्क फोर्स की अवधि को दो महीने बढ़ा दिया है।[18] इस टास्क फोर्स को नवंबर 2017 में गठित किया गया था ताकि आय कर एक्ट, 1961 की समीक्षा की जा सके और निम्नलिखित के मद्देनजर नए प्रत्यक्ष कर कानून का मसौदा तैयार किया जा सके: (i) विभिन्न देशों में लागू प्रत्यक्ष कर प्रणाली, (ii) अंतरराष्ट्रीय कार्य पद्धतियां, (iii) भारत की आर्थिक जरूरतें, और (iv) कोई अन्य संबंधित मामले।

टास्क फोर्स से 31 मई, 2019 तक रिपोर्ट सौंपने की अपेक्षा थी। अब इसे 31 जुलाई, 2019 तक बढ़ाया गया है।

रक्षा

Vinayak Krishnan (vinayak@prsindia.org)

मंत्रालय ने रक्षा उत्पादों के सेल्फ-सर्टिफिकेशन की योजना शुरू की

रक्षा मंत्रालय (एमओडी) ने रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (डीपीएसयूज़) और निजी वेंडरों द्वारा निर्मित रक्षा उत्पादों के सेल्फ-सर्टिफिकेशन की अनुमति के लिए एक योजना की शुरुआत की।[19]  सेल्फ-सर्टिफिकेशन का अर्थ है, उत्पाद की गुणवत्ता को सर्टिफाई करने की जिम्मेदारी वेंडर की है। 

वर्तमान में रक्षा उत्पादों का क्वालिटी एश्योरेंस का काम डायरेक्टोरट जनरल ऑफ क्वालिटी एश्योरेंस (डीजीक्यूए जोकि रक्षा उत्पादन विभाग के अंतर्गत आता है) की है। एमओडी के अनुसार, योजना का उद्देश्य वेंडरों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करना है कि वे उत्पाद के टिकाऊपन और गुणवत्ता में सुधार के लिए सीधे जिम्मेदार हों।   

सेल्फ-सर्टिफिकेशन का स्टेटस हासिल करने के इच्छुक वेंडर डीजीक्यूए या सर्विस हेडक्वार्टर में स्थित अथॉरिटी को आवेदन कर सकते हैं। वेंडर के क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम और दूसरे मानदंडों के आधार पर डीजीक्यूए द्वारा यह स्टेटस दिया जाएगा। स्टेटस तीन वर्ष की अवधि के लिए दिया जाएगा। अगर यूजर को ऐसा लगता है कि उत्पाद की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में कमी है तो सेल्फ-सर्टिफिकेशन का स्टेटस रद्द किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अगर किसी भी समय उत्पाद की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई जाती तो डीजीक्यूए इस स्टेटस को रद्द कर सकता है।    

राष्ट्रीय रक्षा कोष के अंतर्गत स्कॉलरशिप योजना में परिवर्तन

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय रक्षा कोष के अंतर्गत प्रधानमंत्री की स्कॉलरशिप योजना में कुछ परिवर्तनों को मंजूरी दी।[20]  राष्ट्रीय सुरक्षा हेतु चंदे के उपयोग के लिए राष्ट्रीय रक्षा कोष की स्थापना की गई थी। प्रधानमंत्री की स्कॉलरशिप योजना एक ऐसी योजना है जोकि राष्ट्रीय रक्षा कोष के अंतर्गत लागू की जाती है। यह योजना सशस्त्र बलों, अर्ध सैनिक बलों और रेलवे सुरक्षा बल के शहीद सैनिकों/पूर्व सैनिकों की बीवियों और बच्चों को तकनीकी और पोस्ट ग्रैजुएट शिक्षा देने का प्रयास करती है।

स्कॉलरशिप की दर को लड़कों के लिए प्रति माह 2,000 रुपए से बढ़ाकर 2,500 रुपए और लड़कियों के लिए प्रति माह 2,250 रुपए से बढ़ाकर 3,000 रुपए किया गया है। इसके अतिरिक्त योजना के दायरे में नक्सल और आतंकवादी हमलों में मारे गए राज्य पुलिस अधिकारियों के बच्चों को भी शामिल किया गया है। राज्य पुलिस अधिकारियों के बच्चों को प्रति वर्ष 500 स्कॉलरशिप दी जाती हैं। ऐसे मामलों में गृह मामलों का मंत्रालय नोडल मंत्रालय है।    

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस

Anurag Vaishnav (anurag@prsindia.org)

मंत्रालय ने डीजल में सम्मिश्रण के लिए बायोडीजल की बिक्री हेतु दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने परिवहन के उद्देश्य से डीजल में सम्मिश्रण (ब्लेंडिंग) के लिए बायोडीजल की बिक्री हेतु दिशानिर्देशों को अधिसूचित किया है। [21] 

बायोडीजल का उत्पादन गैर खाद्य वनस्पति तेलों, एसिड ऑयल, इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल या पशु चर्बी से होता है और इसे वैकल्पिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। पेट्रोलियम में इथेनॉल के सम्मिश्रण से वाहनों का उत्सर्जन कम होने में मदद मिलती है और इससे पेट्रोलियम के आयात का दबाव कम होता है। बायोईंधन पर राष्ट्रीय नीति, 2018 ने 2030 तक डीजल में बायोडीजल के 5% सम्मिश्रण का लक्ष्य निर्धारित किया है ताकि वैकल्पिक एवं पर्यावरण अनुकूल ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिले।[22]

मंत्रालय के अधिसूचित दिशानिर्देश निम्नलिखित हैं:

  • अनुमति सिर्फ बायोडीजल (बी-100) की बिक्री के लिए दी गई है, न कि किसी भी प्रतिशत वाले मिश्रण के लिए।
  • सिर्फ देसी स्तर पर उत्पादित बायोडीजल की बिक्री की अनुमति है, न कि आयातित की।
  • बायोडीजल के रीटेल आउटलेट्स पर अलग-अलग बोर्ड्स होने चाहिए। इन बोर्ड्स में विभिन्न भाषाओं में यह लिखा होना चाहिए कि डीजल में कितनी मात्रा में बायोडीजल मिलाया गया है। बोर्ड में इस बात की स्पष्ट चेतावनी भी होनी चाहिए कि विनिर्दिष्ट मात्रा से अधिक मात्रा में बायोडीजल मिलाने से इंजन को नुकसान हो सकता है।
  • बायोडीजल मैन्यूफैक्चरर्स, सप्लायर्स और बिक्रीकर्ताओं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रणाली को राज्य स्तर पर तैयार किया जाएगा।
  • राज्य सरकार की अथॉरिटीज़ को बायोडीजल के रीटेल आउटलेट्स के नियमित निरीक्षण का अधिकार होना चाहिए।

उच्च स्तरीय कमिटी ने आयात पर निर्भरता को कम करने की रणनीति का सुझाव दिया

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र से संबंधित मुद्दों की जांच करने के लिए सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमिटी ने मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी। [23] कमिटी ने तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र के पीएसयूज़ के शोध और विकास केंद्रों के बीच समन्वय करने, कर से जुड़े मुद्दों और इन पीएसयूज़ द्वारा जीएसटी से लाभ हासिल करने के लिए कार्रवाई योजना की तैयारी की जांच की। 

अपनी रिपोर्ट में कमिटी ने सुझाव दिया कि आयात पर देश की निर्भरता कम करने के लिए अल्पावधि, मध्यावधि और दीर्घावधि की रणनीतियां बनाई जाएं। कमिटी ने अब तक रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया है।

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन

Anurag Vaishnav (anurag@prsindia.org)

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय में सीएसओ और एनएसएसओ के विलय को मंजूरी

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) और राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) का विलय करने को मंजूरी दी है जिसे अब राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) कहा जाएगा।[24] 

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव एनएसओ के प्रमुख होंगे। इस विलय के लिए जरूरी परिचालनगत कदमों पर सुझाव देने के लिए एक कमिटी का गठन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जुलाई 2005 में एनएसएसओ और सीएसओ के विलय के जरिए एनएसओ के गठन का प्रस्ताव दिया गया था।[25] 

वर्तमान में सीएसओ मंत्रालय के साथ संबद्ध कार्यालय है जोकि देश की सांख्यिकी गतिविधियों का समन्वय करता है और सांख्यिकी संबंधी मानदंड तैयार करता है। [26]  एनएसएसओ मंत्रालय का अधीनस्थ कार्यालय (फील्ड एजेंसी) है। यह कार्यालय अखिल भारतीय स्तर पर विविध क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नमूना सर्वेक्षण करता है और इसके निष्कर्षों को प्रकाशित करता है। [27] 

ऊर्जा

Prachee Mishra (prachee@prsindia.org)

ग्रिड के साथ पुराने सोलर ऑफ ग्रिड प्लांट्स के कनेक्शन को मंजूरी

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने ग्रिड के साथ पुराने सोलर ऑफ ग्रिड प्लांट्स को जोड़ने को मंजूरी दे दी है। [28] यह कनेक्शन उन क्षेत्रों में किया जाएगा जहां ग्रिड सप्लाई नेट-मीटरिंग के प्रावधान के साथ अब उपलब्ध है। नेट-मीटरिंग ऐसा बिलिंग मैकेनिज्म है जिसमें सोलर एनर्जी सिस्टम (या प्लांट) के ओनर्स को ग्रिड में बिजली जोड़ने के लिए क्रेडिट मिलेगा। 

यह कनेक्शन रेगुलेटरी प्रावधानों का विषय होगा। इसके अतिरिक्त इस कनेक्शन की लागत को संबंधित राज्य सरकार या लाभार्थी विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। 

अनुलग्नक

कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों- स्वतंत्र प्रभार और राज्य मंत्रियों की सूची निम्नलिखित है।

तालिका 3: कैबिनेट मंत्री

नाम

पोर्टफोलियो

नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन

एटॉमिक एनर्जी विभाग

अंतरिक्ष विभाग

सभी नीतिगत मुद्दे

किसी मंत्री को न दिया गया पोर्टफोलियो

राजनाथ सिंह

रक्षा

अमित शाह

गृह मामले

नितिन गडकरी

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम

डी.वी. सदानंद गौडा

रसायन और उर्वरक

निर्मला सीतारमन

वित्त

कॉरपोरेट मामले

रामविलास पासवान

उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण

नरेंद्र सिंह तोमर

कृषि एवं किसान कल्याण

ग्रामीण विकास

पंचायती राज

रविशंकर प्रसाद

विधि एवं कानून

संचार

इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी

हरसिमरत कौर बादल

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग

थावरचंद गहलौत

सामाजिक न्याय एवं  सशक्तीकरण

डॉ. एस. जयशंकर

विदेशी मामले

रमेश पोखरियाल निषंक

मानव संसाधन विकास

अर्जुन मुंडा

आदिवासी मामले

स्मृति ईरानी

महिला एवं बाल विकास

टेक्सटाइल

डॉ. हर्ष वर्धन

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण

विज्ञान एवं तकनीक

पृथ्वी विज्ञान

प्रकाश जावड़ेकर

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन

सूचना और प्रसारण

पीयूष गोयल

रेलवे

वाणिज्य और उद्योग

धर्मेंद्र प्रधान

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस

स्टील

मुख्तार अब्बास नकवी

अल्पसंख्यक मामले

प्रह्लाद जोशी

संसदीय मामले

कोयला

खनन

डॉ. महेंद्र नाथ पांडे

दक्षता विकास और उद्मिता

अरविंद सावंत

भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम

गिरिराज सिंह

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य

गजेंद्र सिंह शेखावत

जल शक्ति

Sources: Press Information Bureau; PRS.

तालिका 4: राज्य मंत्री- स्वतंत्र प्रभार

नाम

पोर्टफोलियो

संतोष कुमार गंगवार

श्रम एवं रोजगार

राव इंद्रजीत सिंह

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन

योजना (आईसी)

श्रीपद येस्सो नाइक

आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी

रक्षा

डॉ. जीतेंद्र सिंह

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास

प्रधानमंत्री कार्यालय

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन

एटॉमिक एनर्जी

अंतरिक्ष

किरेन रिरिजू

युवा मामले और खेल

अल्पसंख्यक मामले

प्रह्लाद सिंह पटेल

संस्कृति

पर्यटन

राजकुमार सिंह

ऊर्जा

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा

दक्षता विकास और उद्यमिता

हरदीप सिंह पुरी

आवास और शहरी मामले

नागरिक उड्डयन

वाणिज्य और उद्योग

मनसुख एल. मंडाविया

जहाजरानी

रसायन और उर्वरक

Sources: Press Information Bureau; PRS.

तालिका 5: राज्य मंत्री

नाम

पोर्टफोलियो

फग्गनसिंह कुलस्ते

इस्पात

अश्विनी कुमार चौबे

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण

अर्जुन सिंह मेघवाल

संसदीय मामले

 

भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम

जनरल वी. के. सिंह

सड़क परिवहन और राजमार्ग

कृष्ण पाल

सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण

दानवे रावसाहेब दादाराव

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण

जी. किशन रेड्डी

गृह मामले

पुरुषोत्तम रूपाला

कृषि और किसान कल्याण

रामदास अठावले

सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण

निरंजन ज्योति

ग्रामीण विकास

बाबुल सुप्रियो

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन

संजीव कुमार बालियान

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य

संजय धोत्रे

मानव संसाधन विकास

संचार

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी

सुरेश अंगाड़ी

रेलवे

नित्यानंद राय

गृह मामले

रतन लाल कटारिया

जल शक्ति

सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण

वी. मुरलीधरन

विदेशी मामले

संसदीय मामले

रेणुका सिंह सरुता

आदिवासी मामले

सोम प्रकाश

वाणिज्य एवं उद्योग

रामेश्वर तेली

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग

प्रताप चंद्र सारंगी

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम

पशुपालन, डेयरी और मत्स्य

कैलाश चौधरी

कृषि एवं किसान कल्याण

देबश्री चौधरी

महिला एवं बाल विकास

Sources: Press Information Bureau; PRS.

 

[1] Press Communique, Press Information Bureau, President's Secretariat, May 25, 2019.

[2] Press Communique, Press Information Bureau, President's Secretariat, May 31, 2019.

[3]Press Note on Provisional Estimates of National Income 2018-19 and Quarterly Estimates of Gross Domestic Product for the fourth quarter (Q4) of 2018-19, Ministry of Statistics and Programme Implementation, May 31, 2019, http://www.mospi.gov.in/sites/default/files/press_release/Press%20Note%20PE%202018-19-31.5.2019-Final.pdf.

[4]Quick Estimates of Index of Industrial Production and Use Based Index for the Month of March 2019 (Base 2011-12=100)”, Press Release, Central Statistics Office, Ministry of Statistics and Programme Implementation, May 10, 2019, http://www.mospi.gov.in/sites/default/files/press_release/IIP_mar19.pdf

[5] Draft National Education Policy 2019, Ministry of Human Resource Development, May 31, 2019, https://mhrd.gov.in/sites/upload_files/mhrd/files/Draft_NEP_2019_EN.pdf.

[6] Traders to get pension coverage, Press Information Bureau, Ministry of Labour and Employment, May 31, 2019.

[7] Annual Report, Periodic Labour Force Survey, July 2017 June 2018, Ministry of Statistics and Programme Implementation, May 2019, http://www.mospi.nic.in/sites/default/files/publication_reports/Annual%20Report%2C%20PLFS%202017-18_31052019.pdf.

[8] Landmark decision taken in the first Cabinet meeting of the NDA Government offers pension coverage to crores of farmers, Press Information Bureau, Cabinet, May 31, 2019.

[9] Union Agriculture Minister Shri Narendra Singh Tomar holds review meeting with Agriculture Ministry officials, Press Information Bureau, Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, June 1, 2019.

[10] PM-KISAN Scheme extension to include all eligible farmer families irrespective of the size of land holdings, Press Information Bureau, Cabinet, May 31, 2019.

[11] Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi announced to provide assured income support to small and marginal farmers, Press Information Bureau, Ministry of Finance, February 1, 2019.

[12] Operational Guidelines of Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (PM-KISAN)”, Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, http://agricoop.gov.in/sites/default/files/operational_GuidePM.pdf.

[13] Union Cabinet clears new initiative to control Foot and Mouth Disease (FMD) and Brucellosis to support the livestock rearing farmers, Press Information Bureau, Cabinet, May 31, 2019.

[14] RBI publishes Payment and Settlement Systems in India: Vision 2019-2021, Press Releases, Reserve Bank of India, May 15, 2019, https://www.rbi.org.in/Scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=47045.

[15] Committee on Deepening of Digital Payments, Press Releases, Reserve Bank of India, January 8, 2019, https://rbi.org.in/Scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=45949.

[16] Committee on Deepening of Digital Payments, Press Releases, Reserve Bank of India, May 17, 2019,  https://rbi.org.in/Scripts/BS_PressReleaseDisplay.aspx?prid=47068.

[17] Report of the Working Group on FPI Regulations, Reports, Securities and Exchange Board of India, May 24, 2019, https://www.sebi.gov.in/sebi_data/commondocs/may-2019/Annexure-A_p.pdf

[18] F. No. 370149/230/2017 Part (3), Central Board of Direct Taxes, Department of Revenue, Ministry of Finance, May 27, 2019, https://www.incometaxindia.gov.in/Communications/Circular/F_No_370149_230_2017_Part_3_27_5_19.pdf.

[19] Scheme for Self Certification of Defence Public Sector & Private Vendors, Department of Defence Production, May 13, 2019, https://ddpmod.gov.in/sites/default/files/Self%20Certification%20Scheme%20Govt%20Sanction%20Letter-merged.pdf.  

[20] Major changes approved in the Prime Ministers Scholarship Schemeunder the National Defence Fund Rates of Scholarship Enhanced and the scheme to include State Police Personnel, Press Information Bureau, Prime Ministers Office, May 31, 2019

[21] F.No.P-13039(18)/1/2018-CC(P-26825), Gazette of India, Ministry of Petroleum and Natural Gas, May 1, 2019, http://egazette.nic.in/WriteReadData/2019/203238.pdf

[22] F. No.P-13032(16)/18/2017, Gazette of India, Ministry of Petroleum and Natural Gas, June 4, 2018, http://www.petroleum.nic.in/sites/default/files/biofuelpolicy2018_1.pdf.

[23] High level Committee Submits its report; Recommends Strategy to reduce import dependency, Press Information Bureau, Ministry of Petroleum and Natural Gas, 21 May 2019.

[24] Order No. M-12011/1/2019-CAP, Ministry of Statistics and Programme Implementation, Central Statistics Office, May 23, 2019, http://www.mospi.gov.in/sites/default/files/iss-orders/Order_Restructuring%20of%20MoSPI%2023052019.pdf.

[25]National Statistical Organization on the anvil, Ministry of Statistics and Programme Implementation, July 20, 2005, http://pib.nic.in/newsite/erelcontent.aspx?relid=10254.

[26] Central Statistics Office (CSO), Ministry of Statistics and Programme Implementation, last accessed on May 30, 2019, http://www.mospi.gov.in/central-statistics-office-cso-0.

[27] National Sample Survey Office (NSSO), Ministry of Statistics and Programme Implementation, last accessed on May 30, 2019, http://www.mospi.gov.in/national-sample-survey-office-nsso.

[28] Circular, F No. 42/09/2018-SPV Division, Ministry of New and Renewable Energy, May 14, 2019, https://mnre.gov.in/sites/default/files/webform/notices/grid..pdf.

 

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