इस अंक की झलकियां
संसद का मानसून सत्र 2021 समाप्त; 20 बिल पारित
जनरल इंश्योरेंस बिजनेस (राष्ट्रीयकरण) संशोधन बिल, 2021, ट्रिब्यूनल सुधार बिल, 2021 और डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (संशोधन) बिल, 2021 पारित किए गए।
संविधान (127वां संशोधन) बिल, 2021 संसद में पारित
बिल संविधान में संशोधन करता है ताकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की अपनी सूची तैयार करने की अनुमति दी जा सके। इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से सलाह की जरूरत नहीं।
पिछले वर्ष के निम्न तुलनात्मक आधार के चलते 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी में 20.1% का उछाल
2021-22 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (2011-12 के स्थिर मूल्यों पर) में 20.1% की वृद्धि आई (वर्ष दर वर्ष)। 2020-21 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी में 24.4% का संकुचन आया।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की शुरुआत की
नीति आयोग ने राष्ट्रीय एसेट मुद्रीकरण पाइपलाइन की शुरुआत की जिसका लक्ष्य 2024-25 तक लगभग छह लाख करोड़ रुपए मूल्य के एसेट्स का मुद्रीकरण करना है।
जायकोव-डी (ZyCoV-D) वैक्सीन को आपात उपयोग के लिए मंजूरी मिली
तीसरे फेज के ट्रायल्स के अनुसार, लक्षण वाले आरटी-पीसीआर मामलों में वैक्सीन की एफिशिएंसी 67% है। 12 वर्ष और उससे अधिक के लोगों को इस वैक्सीन की तीन डोज़ लगाई जाएंगी।
रेपो और रिवर्स रेपो रेट्स क्रमशः 4% और 3.35% पर अपरिवर्तनीय
मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट को क्रमशः 4% और 3.35% पर अपरिवर्तनीय रखा। कमिटी ने मौद्रिक नीति के समायोजन के रुख को बरकरार रखने का फैसला किया।
विभिन्न मुद्दों और योजनाओं के कार्यान्वयन पर कमिटी रिपोर्ट सौंपी गई
इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित कई योजनाओं की समीक्षा करने वाली रिपोर्ट्स शामिल हैं। रोजगार पर कोविड-19 महामारी के असर और शिक्षा में लर्निंग में कमियों पर केंद्रित रिपोर्ट्स भी सौंपी गईं।
ट्राई ने दूरसंचार के विभिन्न स्तरों के आधार पर लाइसेंस प्रणाली का सुझाव दिया
ट्राई ने एकीकृत लाइसेंस में अलग से एक्सेस नेटवर्क प्रोवाइडर ऑथराइजेशन नाम का ऑथराइडेशन लेवल बनाया है ताकि कंपनियां स्वतंत्र रूप से नेटवर्क लेयर में ऑपरेट कर सकें।
प्लास्टिक कचरा प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 अधिसूचित
2021 के नियम सिंगल यूज प्लास्टिक की कुछ वस्तुओं को प्रतिबंधित करते हैं (जैसे कटलरी)। प्लास्टिक के कैरी बैग की न्यूनतम मोटाई जोकि पहले 50 माइक्रॉन थीं, इस साल बढ़कर 75 माइक्रॉन और अगले 120 माइक्रॉन्स हो जाएगी।
सड़क दुर्घटनाओ के लिए जांच और मुआवजे पर ड्राफ्ट संशोधन जारी
सड़क दुर्घटनाओं की त्वरित जांच पर ड्राफ्ट संशोधन जारी किए गए। इसके अंतर्गत ऐसी ड्राफ्ट योजनाएं जारी की गई हैं जो चोट या मृत्यु के लिए जिम्मेदार दुर्घटनाओं का हर्जाना बढ़ाने और दुर्घटना पीड़ितों के लिए फंड बनाने का प्रयास करती हैं।
भारत में ड्रोन ऑपरेशन को उदार बनाने वाले ड्रोन नियम अधिसूचित
अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स नियम, 2021 का स्थान लेने वाले ड्रोन नियम, 2021 के अंतर्गत भारत में ड्रोन्स के रेगुलेशन और ऑपरेशन को उदार बनाया गया है।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल पाम को अनुमोदित किया
तेल किसानों को आश्वस्त मूल्य और इनपुट्स पर सहायता दी जाएगी। पूर्वोत्तर और अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के लिए अतिरिक्त सहायता का भी प्रावधान किया गया है। यह 2037 तक लागू होगा और इसका परिव्यय 11.040 करोड़ रुपए का है।
संसद
Omir Kumar (omir@prsindia.org)
संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई, 2021 से 11 अगस्त, 2021 के बीच संचालित किया गया और कुल 17 दिन की बैठकें हुईं।[1] सत्र को 13 अगस्त, 2021 को समाप्त होना था लेकिन इसे दो दिन पहले ही खत्म कर दिया गया।
सत्र के दौरान संसद में 20 बिल पारित हुए (दो विनियोग विधेयक सहित)। इनमें से 15 बिल सत्र के दौरान पेश किए गए। इन 15 में से चार बिल अध्यादेशों का स्थान लेते हैं। ये हैं ट्रिब्यूनल सुधार बिल, 2021, इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी संहिता (संशोधन) बिल, 2021, आवश्यक रक्षा सेवा बिल, 2021 और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन हेतु आयोग बिल, 2021। सत्र के दौरान पारित होने वाले अन्य बिल में संविधान (एक सौ सत्ताइसवां संशोधन) बिल, 2021, टैक्सेशन कानून (संशोधन) बिल, 2021, जनरल इंश्योरेंस बिजनेस (राष्ट्रीयकरण) संशोधन बिल, 2021 और किशोर न्याय संशोधन बिल, 2021 शामिल हैं।
मानसून सत्र 2021-22 के लेजिसलेटिव एजेंडा पर अधिक विवरण के लिए कृपया देखें। सत्र के दौरान संसद के कामकाज पर अधिक विवरण के लिए कृपया देखें।
कोविड-19
31 अगस्त, 2021 तक भारत में कोविड-19 के 3.28 करोड़ पुष्ट मामले थे।[2] [3] इनमें से 3.20 करोड़ (97.5%) मरीजों का इलाज हो चुका है/उन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है और 4.39 लाख लोगों (1.3%) की मृत्यु हुई है। 31 अगस्त, 2021 तक 49 करोड़ लोगों को वैक्सीन की कम से कम पहली डोज़ मिल गई है जिनमें से 15 करोड़ लोग पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हैं।[4] देश और विभिन्न राज्यों में दैनिक मामलों की संख्या के लिए कृपया यहां देखें।
कोविड-19 महामारी के प्रबंधन के लिए राज्य सरकारों को दिशानिर्देश जारी
Shubham Dutt (shubham@prsindia.org)
जून 2021 में गृह मामलों के मंत्रालय ने कोविड-19 महामारी के प्रबंधन के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की थी।[5] यह दिशानिर्देश पहले 31 अगस्त 2021 तक लागू थे।5 इन दिशानिर्देशों को अब 30 सितंबर, 2021 तक बढ़ा दिया गया है।[6] दिशानिर्देशों की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
जायकोव-डी (ZyCoV-D) वैक्सीन के आपात उपयोग को मंजूरी मिली
Aditya Kumar (aditya@prsindia.org)
भारतीय ड्रग कंट्रोलर जनरल (डीजीसीआई) ने जायकोव-डी (ZyCoV-D) को आपात उपयोग के लिए मंजूरी दे दी है।[7] इसे जायडस कैडिला ने बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सहयोग से विकसित किया है।7 फेज तीन के क्लिनिकल ट्रायल्स के अनुसार, लक्षण वाले आरटी-पीसीआर मामलों के लिए वैक्सीन की एफिशियंसी 66.6% है। 12 वर्ष और उससे अधिक के लोगों को इस वैक्सीन की तीन डोज़ लगाई जाएंगी।7
कोविड-19 वायरस के जीनोमिक सर्विलांस के लिए दिशानिर्देशों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर में संशोधन
Aditya Kumar (aditya@prsindia.org)
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने कोविड-19 वायरस के जीनोमिक सर्विलांस पर दिशानिर्देशों और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) में संशोधन किए हैं।[8] शुरुआती दिशानिर्देश दिसंबर 2020 में जारी किए गए थे।[9] हाल के दिशानिर्देशों में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए तीन घटकीय रणनीति बनाई गई है, जिसमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग, (ii) समुदाय में नियमित सर्विलांस करना, और (iii) घटना आधारित सर्विलांस। दिशानिर्देशों और सोप की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
घरेलू अंतरराज्यीय यात्रा के दिशानिर्देशों में संशोधन किया गया
Rajat Asthana (rajat@prsindia.org)
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने घरेलू अंतरराज्यीय यात्रा के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए जिनमें यात्रियों, एयरलाइंस, रेलवे, जहाजों और बसों के ऑपरेटरों के लिए एडवाइजरीज़ शामिल हैं।[10] दिशानिर्देश 25 अगस्त, 2021 से लागू हुए। दिशानिर्देशों की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:
अधिसूचित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर सितंबर तक प्रतिबंध बढ़ाया गया
Rajat Asthana (rajat@prsindia.org)
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 30 सितंबर, 2021 तक अधिसूचित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध बढ़ा दिया है।[11] यह प्रतिबंध शुरुआत में मार्च 2020 में लगाया गया था। इससे पहले यह 31 अगस्त, 2021 तक लागू था।[12] ये प्रतिबंध कार्गो ऑपरेशंस और डीजीसीए द्वारा मंजूर उड़ानों पर लागू नहीं होंगे।
समष्टि आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) विकास
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org
पिछले वर्ष के निम्न तुलनात्मक आधार के चलते 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी में 20.1% का उछाल
2021-22 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) (2011-12 के स्थिर मूल्यों पर) में पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 20.1% का उछाल आया।[13] उल्लेखनीय है कि 2021-22 की पहली तिमाही में इस उच्च वृद्धि दर की वजह पिछले वर्ष का निम्न आधार है, चूंकि 2020-21 की पहली तिमाही के दौरान जीडीपी में 24.4% का संकुचन हुआ था। 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के दौरान जीडीपी 1.6% की दर से बढ़ी।
जीडीपी के मुख्य घटकों में निजी उपभोग (वस्तुओं और सेवाओं पर घरेलू व्यय), सरकारी खपत (वस्तुओं और सेवाओं पर सरकारी व्यय), नियत पूंजी निर्माण (निवेश पर व्यय, जैसे निर्माण, मशीनरी) और शुद्ध निर्यात (निर्यात घटा आयात) आते हैं। निजी खपत और सकल नियत पूंजी निर्माण में क्रमशः 19.3% और 55.3% की बढ़ोतरी हुई जबकि सरकारी व्यय में 4.8% का संकुचन आया। जबकि निर्यात में 39.1% की वृद्धि हुई, आयात 60.2% बढ़ गया जोकि शुद्ध निर्यात में गिरावट का संकेत है।
सभी आर्थिक क्षेत्रों में जीडीपी की वृद्धि सकल मूल्य संवर्धन (जीवीए) में मापी जाती है। 2021-22 की पहली तिमाही में सभी क्षेत्रों में वृद्धि पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में सकारात्मक थी। निर्माण क्षेत्र ने उच्चतम वृद्धि (68.3%) दर्ज की जिसके बाद मैन्यूफैक्चरिंग (49.6%) का स्थान रहा। ध्यान दें कि इन दोनों क्षेत्रों में 2020-21 की पहली तिमाही के दौरान काफी संकुचन दर्ज किया था।
तालिका 1: 2021-22 की पहली तिमाही में विभिन्न क्षेत्रों में जीवीए में वृद्धि (% में, वर्ष दर वर्ष)
|
क्षेत्र |
ति1 |
ति4 |
ति1 |
|
कृषि |
3.5 |
3.1 |
4.5 |
|
खनन |
-17.2 |
-5.7 |
18.6 |
|
मैन्यूफैक्चरिंग |
-36.0 |
6.9 |
49.6 |
|
बिजली |
-9.9 |
9.1 |
14.3 |
|
निर्माण |
-49.5 |
14.5 |
68.3 |
|
व्यापार |
-48.1 |
-2.3 |
34.3 |
|
वित्तीय सेवा |
-5.0 |
5.4 |
3.7 |
|
सार्वजनिक सेवा |
-10.2 |
2.3 |
5.8 |
|
जीवीए |
-22.4 |
3.7 |
18.8 |
|
जीडीपी |
-24.4 |
1.6 |
20.1 |
रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट क्रमशः 4% और 3.35% पर अपरिवर्तनीय
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) ने 2021-22 का तीसरा द्विमासिक मौद्रिक नीतिगत वक्तव्य जारी किया।[14] पॉलिसी रेपो रेट (जिस दर पर आरबीआई बैंकों को ऋण देता है) 4% की दर पर बरकरार है। एमपीसी के अन्य फैसलों में निम्नलिखित शामिल हैं:
भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में 2021-22 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 45% की वृद्धि दर्ज की गई।[15] उल्लेखनीय है कि इस उच्च वृद्धि दर की वजह यह हो सकती है कि पिछले वर्ष का आधार निम्न था। चूंकि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण 2020-21 के अप्रैल (-57%), मई (-33%) और जून (-17%) के महीनों में आईआईपी में काफी संकुचन आया था।
2021-22 की पहली तिमाही के हर महीने में खनन, मैन्यूफैक्चरिंग और बिजली उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गई (वर्ष दर वर्ष)। 2020-21 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में आईआईपी में 6% की वृद्धि दर्ज की गई।
रेखाचित्र 1: 2021-22 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में आईआईपी में वृद्धि
Sources: Ministry of Statistics and Programme Implementation; PRS.
रेखाचित्र 2: 2020-21 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में नकारात्मक आईआईपी वृद्धि
Sources: Ministry of Statistics and Programme Implementation; PRS.
वित्त
संसद ने 2012 में रेट्रोस्पेक्टिव टैक्सेशन को अमान्य करने के लिए बिल पारित किया
Suyash Tiwari (suyash@prsindia.org)
संसद ने टैक्सेशन कानून (संशोधन) बिल, 2021 को पारित किया।[16] बिल इनकम टैक्स एक्ट, 1961 (आईटी एक्ट) और फाइनांस एक्ट, 2012 में संशोधन करता है। 2012 के एक्ट ने आईटी एक्ट में संशोधन किया था ताकि विदेशी कंपनी के शेयरों की बिक्री से अर्जित आय पर पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) आधार पर टैक्स लायबिलिटी को लागू किया जा सके (यानी 28 मई, 2012 से पहले किए गए लेनदेन पर टैक्स लायबिलिटी लागू की जा सके)। बिल टैक्सेशन के लिए पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) आधार को रद्द करता है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिल में प्रावधान है कि अगर संबंधित व्यक्ति इन शर्तों को पूरा करता है तो माना जाएगा कि कोई एसेसमेंट या रीएससमेंट ऑर्डर कभी जारी ही नहीं किए गए थे। इसके अतिरिक्त अगर व्यक्ति इन शर्तों को पूरा करने के बाद रीफंड का पात्र होता है तो उसे बिना किसी ब्याज के वह राशि वापस कर दी जाएगी।
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
संसद ने बैंक डिपॉजिट इंश्योरेंस के अंतरिम भुगतान की मंजूरी के लिए बिल पारित किया
Suyash Tiwari (suyash@prsindia.org)
संसद में डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (संशोधन) बिल, 2021 पारित किया गया।[17] बिल डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन एक्ट, 1961 में संशोधन करने का प्रयास करता है। एक्ट के अंतर्गत बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बैंक डिपॉजिट्स और गारंटी क्रेडिट पर इंश्योरेंस देने हेतु कॉरपोरेशन की स्थापना की गई थी। बिल जमाकर्ताओं को समय पर उनकी बीमित जमा राशि का एक्सेस देने का प्रयास करता है, अगर उन्हें अपनी बैंक जमा को एक्सेस करने से रोका जा रहा है।
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट के अंतर्गत कुछ अपराधों को डीक्रिमिनलाइज करने वाला बिल संसद में पारित
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
संसद ने लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (संशोधन) बिल, 2021 को पारित कर दिया।[18] बिल लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप एक्ट, 2008 में संशोधन करता है।[19] एक्ट लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप्स (एलएलपी) के रेगुलेशन का प्रावधान करता है। एलएलपी परंपरागत पार्टनरशिप फर्म्स का वैकल्पिक कॉरपोरेट निकाय होती हैं। एलएलपी के अंतर्गत पार्टनरशिप की देयता कारोबार में उनके निवेश तक सीमित होती है। बिल की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
जनरल इंश्योरेंस बिजनेस (राष्ट्रीयकरण) संशोधन बिल, 2021 संसद में पारित
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
संसद ने जनरल इंश्योरेंस बिजनेस (राष्ट्रीयकरण) संशोधन बिल, 2021 को पारित कर दिया।[20] बिल जनरल इंश्योरेंस बिजनेस (राष्ट्रीयकरण) एक्ट, 1972 में संशोधन करता है।[21] भारत में जनरल इंश्योरेंस बिजनेस करने वाली सभी निजी कंपनियों का राष्ट्रीयकरण करने के लिए इस कानून को लागू किया गया था। बिल इस कानून के अंतर्गत रेगुलेट होने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास करता है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
संसद ने प्री-पैकेज्ड इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रदान करने वाले बिल को पारित किया
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
संसद ने इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी संहिता (संशोधन) बिल, 2021 को पारित कर दिया।[22] यह बिल इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी संहिता, 2016 में संशोधन करता है जो कॉरपोरेट देनदारों की इनसॉल्वेंसी को हल करने के लिए एक समयबद्ध प्रक्रिया (330 दिनों में) प्रदान करती है जिसे कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रक्रिया (सीआईआरपी) कहते हैं।[23] बिल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमईज़) के लिए वैकल्पिक इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रक्रिया को पेश करता है जिसे प्री-पैकेज्ड इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रक्रिया (पीआईआरपी) कहा गया है। यह अप्रैल 2021 में जारी किए गए एक अध्यादेश का स्थान लेता है।[24] बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
आईबीसी के कार्यान्वयन पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट सौंपी गई
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
वित्त संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: जयंत सिन्हा) ने ‘इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी संहिता (आईबीसी) का कार्यान्वयन- कठिनाइयां और समाधान’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[25] आईबीसी को 2016 में लागू किया गया था और वह कॉरपोरेट देनदारों के इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन के लिए समयबद्ध प्रक्रिया का प्रावधान करती है।[26] कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्न शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन की शुरुआत
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
नीति आयोग ने केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के एसेट्स के मुद्रीकरण के लिए एक योजना जारी की है जिसका नाम है, राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (एनएमपी)।[27] एसेट मुद्रीकरण में निजी संस्थाओं को एक अग्रिम या आवर्ती भुगतान पर एक सीमित अवधि के लिए सरकारी स्वामित्व वाले एसेट्स का लाइसेंस या लीज दी जाती है। कॉन्ट्रैक्ट की अवधि के बाद सरकार को वह एसेट लौटा दिया जाता है। एसेट्स पर सार्वजनिक क्षेत्र का स्वामित्व जारी रहता है।
पाइपलाइन में 2021-22 और 2024-25 के बीच लगभग छह लाख करोड़ रुपए की कुल मुद्रीकरण क्षमता का अनुमान लगाया गया है। 2021-22 में 0.88 लाख करोड़ रुपए के सांकेतिक मूल्य वाले एसेट्स का 15% मुद्रीकरण किया जाना है। योजना के मुख्य विवरण में शामिल हैं:
क्षेत्र: एनएमपी के अंतर्गत सड़क, रेलवे, बिजली और दूरसंचार जैसे विभिन्न क्षेत्रों के एसेट्स आते हैं। इस सूची में केंद्र सरकार और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की केवल ब्राउनफील्ड (मौजूदा) इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स शामिल हैं। राज्य सरकारों के एसेट्स का मिलान वर्तमान में चल रहा है, और इसे नियत समय में एनएमपी में शामिल करने की परिकल्पना की गई है।
तालिका 2: क्षेत्रवार मुद्रीकरण पाइपलाइन (करोड़ रु.में)
|
क्षेत्र |
मुद्रीकरण का मूल्य |
% हिस्सा |
|
सड़क |
1,60,200 |
26.8 |
|
रेलवे |
1,52,496 |
25.5 |
|
बिजली ट्रांसमिशन |
45,200 |
7.6 |
|
बिजली उत्पादन |
39,832 |
6.7 |
|
दूरसंचार |
35,100 |
5.9 |
|
वेयरहाउसिंग एसेट्स |
28,900 |
4.8 |
|
खनन |
28,748 |
4.8 |
|
प्राकृतिक गैस पाइपलाइन |
24,462 |
4.1 |
|
पेट्रोलियम पाइपलाइन |
22,504 |
3.8 |
|
उड्डयन |
20,782 |
3.5 |
|
शहरी रियल एस्टेट |
15,000 |
2.5 |
|
बंदरगाह |
12,829 |
2.2 |
|
स्टेडियम |
11,450 |
1.9 |
|
कुल |
5,97,503 |
Source: NITI Aayog; PRS.
मुद्रीकरण के मॉडल्स: एनएमपी एसेट मुद्रीकरण के कई मॉडल्स की अनुमति देगा जिनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) प्रत्यक्ष कॉन्ट्रैक्चुअल दृष्टिकोण जिसमें एक सार्वजनिक इकाई और चिन्हित निजी डेवलपर/निवेशक (सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल शामिल हैं) के बीच रियायत/कॉन्ट्रैक्ट शामिल है, और (ii) पूंजी बाजार या निवेशकों के एक पूल के जरिए लंबी अवधि के फंड जनरेशन के लिए स्ट्रक्चर्ड वित्तपोषण मॉडल (इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ट्रस्ट, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट शामिल हैं)।
ड्राफ्ट विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर ऋण लिखत- विदेशी निवेश) नियम, 2021 जारी
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन एक्ट, 1999 के अंतर्गत ड्राफ्ट विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर ऋण लिखत- विदेशी निवेश) नियम, 2021 और ड्राफ्ट विदेशी मुद्रा प्रबंधन (विदेशी निवेश) रेगुलेशन, 2021 को जारी किया।[28],[29] ड्राफ्ट नियम और रेगुलेशंस भारतीय निवासियों द्वारा भारत के बाहर अचल संपत्तियों के निवेश और अधिग्रहण के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को उदार बनाना चाहते हैं। वर्तमान में, इन पहलुओं को विदेशी मुद्रा प्रबंधन (किसी विदेशी सिक्योरिटी का हस्तांतरण या उसे जारी करना) रेगुलेशन, 2004 और विदेशी मुद्रा प्रबंधन (भारत के बाहर अचल संपत्ति का अधिग्रहण और हस्तांतरण) रेगुलेशन 2015 द्वारा नियंत्रित किया जाता है।[30],[31] ड्राफ्ट नियमों और रेगुलेशंस में निम्नलिखित शामिल हैं:
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने ई-रूपी (e-RUPI) लॉन्च किया
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए वाउचर आधारित भुगतान प्रणाली ई-रूपी (e-RUPI) लॉन्च की।[32] यह प्री-पेड डिजिटल वाउचर के तौर पर काम करेगा जिसे लाभार्थी एक्सेस कर सकता है, या मैसेज या क्यूआर कोड के रूप में अपने फोन पर हासिल कर सकता है। इस वाउचर को किसी भी सेंटर पर रिडीम किया जा सकता है जो उसे स्वीकार करता हो। ई-रूपी के लिए लाभार्थी का बैंक खाता होना जरूरी नहीं है। वाउचर को एक्सेस करने के लिए लाभार्थी के पास स्मार्टफोन या इंटरनेट कनेक्शन होना भी जरूरी नहीं है।
आरबीआई ने वित्तीय समावेश सूचकांक जारी किया
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश में वित्तीय समावेश की सीमा का पता लगाने के लिए वित्तीय समावेश सूचकांक (एफआईआई) को पेश किया।[33] एफआईआई में बैंकिंग, निवेश, बीमा, डाक और पेंशन क्षेत्र के विवरण शामिल हैं। यह 0 और 100 के बीच के एकल मान में वित्तीय समावेशन के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त करता है, जहां 0 पूर्ण वित्तीय बहिष्करण का प्रतिनिधित्व करता है और 100 पूर्ण वित्तीय समावेशन को दर्शाता है। सूचकांक में तीन व्यापक मानदंड शामिल हैं: (i) एक्सेस (35% भार), (ii) उपयोग (45%), और (iii) गुणवत्ता (20%)। एफआईआई का निर्माण किसी आधार वर्ष के बिना किया गया है। मार्च 2017 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए वार्षिक एफआईआई 43.4 था, जबकि मार्च 2021 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए यह 53.9 है। एफआईआई हर साल जुलाई में प्रकाशित किया जाएगा।
शहरी सहकारी बैंकों पर टिप्पणियां आमंत्रित
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
आरबीआई ने शहरी सहकारी बैंकों (यूएसबीज़) पर एक्सपर्ट कमिटी (चेयर: एन.एस.विश्वनाथन) की रिपोर्ट को सार्वजनिक टिप्पणियां के लिए जारी किया है।[34] कमिटी ने यूएसबीज़ के कामकाज, रेगुलेशन और निरीक्षण के लिए सुझाव दिए हैं। मुख्य सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर 30 सितंबर, 2021 तक टिप्पणियां आमंत्रित हैं।
सेबी ने प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की समीक्षा की
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (पूंजी जारी करना और प्रकटीकरण की शर्तें) रेगुलेशन, 2018 के अंतर्गत प्रमोटर, प्रमोटर समूह और समूह कंपनियों के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क की समीक्षा की।[35],[36] मुख्य परिवर्तन इस प्रकार हैं:
रक्षा
संसद ने आवश्यक रक्षा सेवाओं में हड़ताल, तालाबंदी और कर्मचारियों की छंटनी पर प्रतिबंध लगाने वाला बिल पारित किया
Suyash Tiwari (suyash@prsindia.org)
आवश्यक रक्षा सेवा बिल, 2021 को संसद में पारित किया गया।[37] बिल जून 2021 में जारी अध्यादेश का स्थान लेता है।[38] बिल केंद्र सरकार को आवश्यक रक्षा सेवाओं में संलग्न इकाइयों में हड़ताल, तालाबंदी और छंटनी पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
विधि और न्याय
संसद ने कुछ अपीलीय निकायों को समाप्त करने और उनके कामकाज को मौजूदा न्यायिक निकायों में हस्तांतरित करने वाला बिल पारित किया
Aditya Kumar (aditya@prsindia.org)
ट्रिब्यूनल्स सुधार बिल, 2021 को संसद में पारित किया गया।[39] बिल ट्रिब्यूनल्स को भंग करने और उनके कार्यों (जैसे अपीलों पर न्यायिक निर्णय लेना) को दूसरे मौजूदा न्यायिक निकायों में ट्रांसफर करने का प्रयास करता है। जिन अपीलीय निकायों को भंग किया गया है, उनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 के अंतर्गत अपीलीय ट्रिब्यूनल, (ii) ट्रेड मार्क्स एक्ट, 1999, कॉपीराइट एक्ट, 1957 और पेटेंट्स एक्ट, 1970 के अंतर्गत अपीलीय बोर्ड्स, और (iii) एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्ट, 1994 के अंतर्गत एयरपोर्ट अपीलीय ट्रिब्यूनल।
बिल अप्रैल 2021 में जारी एक अध्यादेश का स्थान लेता है।[40] जुलाई 2021 में सर्वोच्च न्यायालय ने अध्यादेश के कुछ प्रावधानों को रद्द कर दिया था।[41] बिल अदालत के फैसले के अनुरूप नहीं है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
2021 के अध्यादेश पर पीआरएस के विश्लेषण के लिए कृपया देखें।
सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण
संसद में संविधान (127वां संशोधन) बिल, 2021 पारित
Rajat Asthana (rajat@prsindia.org)
संसद ने संविधान (एक सौ सत्ताइसवां संशोधन) बिल, 2021 को पारित कर दिया। बिल संविधान में संशोधन करता है और राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को इस बात की अनुमति देता है कि वे सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की अपनी सूची खुद बना सकते हैं। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, (संशोधन) बिल, 2021 पारित
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
संविधान (अनुसूचित जनजातियां) आदेश (संशोधन) बिल, 2021 संसद में पारित कर दिया गया।[43] बिल संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 में संशोधन करता है।[44]
संविधान में राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई है कि वह विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अनुसूचित जनजातियों (एसटीज़) को निर्दिष्ट कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त वह संसद को एसटी को अधिसूचित करने के लिए इस सूची में परिवर्तन करने की अनुमति देता है। बिल अरुणाचल प्रदेश राज्य द्वारा प्रस्तावित परिवर्तनों को प्रभावी बनाता है।
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
विकलांग व्यक्ति अधिकार एक्ट, 2016 के कार्यान्वयन पर रिपोर्ट जारी
Shubham Dutt (shubham@prsindia.org)
सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: रमा देवी) ने ‘विकलांग व्यक्ति अधिकार एक्ट, 2016 के कार्यान्वयन के लिए योजना (सिपडा) का मूल्यांकन’ पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[45] सिपडा एक अंब्रेला योजना है जोकि केंद्र सरकार द्वारा कार्यान्वित और पूर्ण वित्त पोषित है। यह विकलांग व्यक्ति अधिकार एक्ट, 2016 के विभिन्न घटकों को लागू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) अवरोध मुक्त परिवेश का निर्माण, (ii) सुगम्य भारत अभियान, और (iii) जिला विकलांगता पुनर्वास केंद्र। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
विकलांग व्यक्ति अधिकार एक्ट के अंतर्गत कुछ विकलांगताओं की सीमा का आकलन करने के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन
Shashank Srivastava (shashank@prsindia.org)
सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय ने विकलांग व्यक्ति अधिकार एक्ट, 2016 के अंतर्गत विकलांगताओं की सीमा का आकलन करने के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन किए।[46] इससे पहले दिशानिर्देशों में प्रावधान था कि रक्त विकारों के कारण होने वाली विकलांगता के मामले में विकलांगता सर्टिफिकेट के लिए, एक वर्ष के न्यूनतम अंतराल पर रोग की आवधिक समीक्षा होगी (80% से अधिक स्कोर के साथ गंभीर विकलांगता वाले रोगियों के लिए)।[47] संशोधित दिशानिर्देशों में समीक्षा की इस समय सीमा के अंतराल को तीन वर्ष कर दिया गया है।
कुछ सरकारी संस्थानों को विकलांग व्यक्ति अधिकार एक्ट के प्रावधानों से छूट दी गई
Omir Kumar (omir@prsindia.org)
सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण मंत्रालय ने कुछ सरकारी संस्थानों को विकलांग व्यक्ति अधिकार एक्ट, 2016 के कुछ प्रावधानों से छूट देने के लिए अधिसूचना जारी की है।[48] ये प्रावधान सरकारी रोजगार में विकलांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण और भेदभाव रहित व्यवहार को अनिवार्य करते हैं। अधिसूचनाओं के अंतर्गत छूट इस प्रकार हैं:
स्वास्थ्य
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (संशोधन) बिल, 2021 संसद में पारित
Aditya Kumar (aditya@prsindia.org)
राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग (संशोधन) बिल, 2021 को संसद में पारित कर दिया गया।[50] यह बिल राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा प्रणाली आयोग एक्ट, 2020 में संशोधन करता है।[51] 2020 का एक्ट भारतीय मेडिकल सेंट्रल काउंसिल एक्ट, 1970 को रद्द करता है।[52] 1970 का एक्ट भारतीय चिकित्सा पद्धतियों (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा) की शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करने के लिए भारतीय मेडिकल सेंट्रल काउंसिल की स्थापना करता है।
2020 का एक्ट काउंसिल की जगह राष्ट्रीय आयोग की स्थापना करता है। यह आयोग भारतीय चिकित्सा प्रणाली की शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करता है। चूंकि राष्ट्रीय आयोग के गठन में समय लग रहा था, इसलिए 2020 के एक्ट के पारित होने के तुरंत बाद 1970 का एक्ट रद्द नहीं हुआ। सितंबर 2020 में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रावधान के लिए 1970 का एक्ट संशोधित किया गया कि जब तक काउंसिल का पुनर्गठन किया जाए, तब केंद्र सरकार द्वारा गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स अस्थायी रूप से उसकी शक्तियों का इस्तेमाल करें।
सेंट्रल काउंसिल का स्थान लेने के लिए 11 जून, 2021 को राष्ट्रीय आयोग का गठन किया गया और उसी तारीख को 1970 का एक्ट रद्द हो गया।50 2021 का बिल निर्दिष्ट करता है कि बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा इस्तेमाल की गई शक्तियों और उनके द्वारा किए गए कार्यों (1970 के एक्ट के अंतर्गत) को 2020 के एक्ट के अंतर्गत किया गया माना जाएगा और ये जारी रहेंगे।50
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (संशोधन) बिल, 2021 संसद में पारित
Aditya Kumar (aditya@prsindia.org)
राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (संशोधन) बिल, 2021 को संसद में पारित कर दिया गया।[53] यह बिल राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग एक्ट, 2020 में संशोधन करता है। [54]
2020 का एक्ट होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल एक्ट, 1973 को रद्द करता है।[55] 1973 का एक्ट होम्योपैथी की शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करने के लिए होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल की स्थापना करता है। 2020 का एक्ट काउंसिल की जगह राष्ट्रीय आयोग की स्थापना करता है। यह आयोग होम्योपैथी की शिक्षा और प्रैक्टिस को रेगुलेट करता है। उल्लेखनीय है कि 1973 के एक्ट को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित तारीख को रद्द किया जाना था।
2020 के एक्ट के पारित होने से पहले 2018 में 1973 के एक्ट में संशोधन किया गया था ताकि सेंट्रल काउंसिल का पुनर्गठन किया जा सके।[56] संशोधनों में यह निर्दिष्ट किया गया है कि जब तक काउंसिल का पुनर्गठन नहीं हो जाता, केंद्र सरकार द्वारा गठित बोर्ड ऑफ गवर्नर्स उसकी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकें।56 चूंकि राष्ट्रीय आयोग के गठन में समय लग रहा था और सेंट्रल काउंसिल का पुनर्गठन नहीं किया गया था, बोर्ड ने अपना काम जारी रखा।
सेंट्रल काउंसिल का स्थान लेने के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन 5 जुलाई, 2021 को किया गया और उसी दिन 1973 का एक्ट रद्द हो गया।53 2021 का बिल निर्दिष्ट करता है कि बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा इस्तेमाल की गई शक्तियों और उनके द्वारा किए गए कार्यों (1973 के एक्ट के अंतर्गत) को 2020 के एक्ट के अंतर्गत किया गया माना जाएगा और ये जारी रहेंगे।53
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संशोधन) बिल, 2021 पर रिपोर्ट सौंपी
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
रसायन और उर्वरक संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: कनिमोझी करुणानिधि) ने राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (संशोधन) बिल, 2021 पर अपनी रिपोर्ट सौंपी। [57] बिल राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान एक्ट, 1998 में संशोधन का प्रयास करता है।[58] 1998 के एक्ट के अंतर्गत पंजाब में राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (नाईपर) की स्थापना की गई थी और उसे राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया था।[59]
कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्न शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
परिवहन
इनलैंड वेसेल्स और उनके मूवमेंट को रेगुलेट करने वाला बिल संसद में पारित
Rajat Asthana (rajat@prsindia.org)
इनलैंड वेसेल्स बिल, 2021 को संसद में पारित कर दिया गया।[60] यह इनलैंड वेसेल्स एक्ट, 1917 का स्थान लेता है।[61] एक्ट राज्यों द्वारा इनलैंड वेसेल्स यानी अंतर्देशीय जहाजों के परिवहन का रेगुलेशन करता है जिसमें जहाजों का रजिस्ट्रेशन और वस्तुओं एवं यात्रियों की सुरक्षित ढुलाई शामिल है। बिल देश भर में अंतर्देशीय नौपरिवहन के लिए एक समान रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को पेश करने का प्रयास करता है। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
भारतीय एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (संशोधन) बिल, 2021 संसद में पारित
Omir Kumar (omir@prsindia.org)
भारतीय एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (संशोधन) बिल, 2021 को संसद में पारित कर दिया।[62] यह बिल भारतीय एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी एक्ट, 2008 में संशोधन करता है। 2008 का एक्ट एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (एयरा) की स्थापना करता है। एयरा भारत के मुख्य एयरपोर्ट्स की एयरोनॉटिकल सेवाओं के लिए टैरिफ और दूसरे शुल्क (जैसे एयरपोर्ट डेवलपमेंट फीस) को रेगुलेट करता है। बिल केंद्र सरकार को इस बात की अनुमति देता है कि वह एयरपोर्ट्स को ग्रुप कर सकती है और उस ग्रुप को मुख्य एयरपोर्ट के तौर पर अधिसूचित कर सकती है। इसका अर्थ यह है कि एयरा इन अधिसूचित हवाई अड्डों पर टैरिफ को रेगुलेट करेगी।
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें
भारतीय एयरपोर्ट्स अथॉरिटी के कामकाज पर कमिटी ने रिपोर्ट सौंपी
Shashank Srivastava (shashank@prsindia.org)
परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: टी.जी.वेंकटेश) ने 2 अगस्त, 2021 को ‘भारतीय एयरपोर्ट्स अथॉरिटी का कामकाज’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[63] नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय एयरपोर्ट्स अथॉरिटी एक सांविधिक प्राधिकरण है जोकि निम्नलिखित के एकीकृत विकास, विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए जिम्मेदार है: (i) हवाई यातायात सेवा, (ii) यात्री टर्मिनल्स, और (iii) देश में कार्गो सेवा। अथॉरिटी देश के 136 हवाई अड्डों का परिचालन और रखरखाव करती है जिनमें से 110 चालू हैं। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
मैरिटाइम क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने पर रिपोर्ट सौंपी गई
Omir Kumar (omir@prsindia.org)
परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: टी.जी.वेंकटेश) ने ‘भारत के मैरिटाइम क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्टर को बढ़ावा’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[64] कमिटी ने भारतीय मैरिटाइम क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा की। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
ड्रोन नियम, 2021 अधिसूचित
Rajat Asthana (rajat@prsindia.org)
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने ड्रोन नियम, 2021 अधिसूचित कर दिए हैं। [65] ये नियम एयरक्राफ्ट एक्ट, 1934 के अंतर्गत प्रकाशित किए गए हैं और अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम्स (यूएएस) नियम, 2021 का स्थान लेने का प्रयास करते हैं।[66] एक्ट भारत में नागरिक विमानों के निर्माण, अधिकार, संचालन और बिक्री को रेगुलेट करता है।[67] यूएएस नियम दूर से संचालित होने वाले और स्वायत्त विमानों के स्वामित्व और संचालन को रेगुलेट करते हैं।66 वर्तमान नियम ड्रोन्स के संचालन में मंजूरियों और प्रतिबंधों को कम करने का प्रयास करते हैं। मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन के लिए विमानन कर्मचारियों की जांच हेतु ड्राफ्ट रेगुलेशन पर टिप्पणियां आमंत्रित
Rajat Asthana (rajat@prsindia.org)
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने साइकोएक्टिव पदार्थों के सेवन के लिए विमानन कर्मचारियों की जांच हेतु ड्राफ्ट प्रक्रिया जारी की।[68] ड्राफ्ट रेगुलेशन एयरक्राफ्ट नियम, 1937 के अंतर्गत प्रकाशित किए गए हैं।[69] नियम सभी तकनीकी और परिचालन विमान चालक दल के सदस्यों को उड़ान से पहले और उसके दौरान मादक पेय, सेडेटिव्स, नशीले पदार्थों या उत्तेजक दवाओं का सेवन करने से रोकते हैं। ड्राफ्ट रेगुलेशंस की मुख्य विशेषताएं हैं:
ड्राफ्ट रेगुलेशंस पर टिप्पणियां 24 सितंबर, 2021 तक आमंत्रित हैं।
हिट और रन मामलों में जांच और सेटेलमेंट पर ड्राफ्ट योजनाएं जारी
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हिट और रन दुर्घटनाओं के पीड़ितों की जांच और क्षतिपूर्ति पर केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में ड्राफ्ट योजनाएं और ड्राफ्ट संशोधन जारी किए।[70],[71],[72] ड्राफ्ट योजनाओं और संशोधनों की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों के लिए मुआवजा योजना
ड्राफ्ट योजना उन मामलों में मुआवजा बढ़ाने का प्रयास करती है जिनका नतीजा गंभीर चोट या मौत होती है।[73] मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:70
दुर्घटना कोष बनाने के लिए प्रस्तावित योजना
प्रस्तावित कोष सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को मुआवजा, दुर्घटनाओं में इलाज और अन्य उद्देश्यों के माध्यम से सहायता प्रदान करेगा।71 योजना हर्जाना योजना, 1989 को प्रतिस्थापित करने का प्रस्ताव करती है जिसके अंतर्गत हिट एंड रन दुर्घटनाओं के लिए एक कोष द्वारा क्षतिपूर्ति दी जाती है। कोष को एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत किया जाएगा और भारतीय सामान्य बीमा निगम द्वारा संचालित तीन खाते होंगे (तालिका 3)।
तालिका 3: प्रस्तावित दुर्घटना कोष के अंतर्गत खाते
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खाते |
वित्त पोषण |
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बीमित वाहनों से दुर्घटना के पीड़ितों का इलाज |
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हिट और रन दुर्घटनाओं के पीड़ितों और गैर बीमाकृत वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं के पीड़ितों का इलाज |
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हिट और रन मोटर दुर्घटना योजना, 2021 के आधार पर हिट और रन मामलों के पीड़ितों के लिए क्षतिपूर्ति |
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Sources: G.S.R. 527 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 2, 2021; PRS.
बैटरी संचालित वाहनों को पंजीकरण शुल्क से छूट देने वाले संशोधन अधिसूचित
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन एक्ट, 1988 के अंतर्गत बनाए गए केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन जारी किए हैं।[74],[75] नियमों में ड्राइवरों के लाइसेंस, और मोटर वाहनों के डिजाइन, रखरखाव और पंजीकरण की शर्तों का विवरण दिया गया है।[76] संशोधन बैटरी से चलने वाले वाहनों (रिचार्जेबल बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन) के मालिकों को निम्नलिखित के लिए शुल्क देने से छूट देते हैं: (i) नया पंजीकरण सर्टिफिकेट, (ii) पंजीकरण सर्टिफिकेट का नवीनीकरण, और (iii) एक नया पंजीकरण चिह्न देना।
मोटरसाइकिल और कैब किराये पर लेने वाली योजना में कुछ वाहनों को शामिल करने हेतु संशोधन अधिसूचित
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने रेंट अ मोटर कैब और रेंट अ मोटरसाइकिल योजनाओं में संशोधन अधिसूचित किए हैं।[77],[78] योजनाएं क्रमशः मोटर-कैब्स और मोटरसाइकिल्स को किराये पर लेने के कारोबार को रेगुलेट करती हैं।[79],[80] योजनाओं में निम्नलिखित के लिए प्रावधान हैं: (i) लाइसेंस देना, (ii) वाहन किराये पर लेने वाले व्यक्तियों के कर्तव्य और जिम्मेदारियां, और (iii) लाइसेंसिंग अधिकारियों की शक्तियां।
योजनाएं उन वाहनों पर लागू होती हैं जिन्हें संचालित करने के लिए परमिट और लाइसेंस प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। संशोधनों में योजना के भीतर मोटर-कैब और मोटरसाइकिल की कुछ श्रेणियां शामिल हैं जिन्हें मोटर वाहन एक्ट, 1988 के अंतर्गत परमिट की शर्तों से छूट दी गई है।[81] इनमें बैटरी से चलने वाले वाहन, और मेथनॉल और इथेनॉल सहित ईंधन पर चलने वाले वाहन शामिल हैं।
न्यू भारत (बीएच) सीरीज़ के वाहनों की पंजीकरण प्रणाली अधिसूचित
Rajat Asthana (rajat@prsindia.org)
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन एक्ट, 1988 के अंतर्गत केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधनों को अधिसूचित किया है।82,81 1989 के नियम वाहन पंजीकरण के आवेदन और पंजीकरण सर्टिफिकेट जारी करने की शर्तों का विवरण देते हैं।84 2021 के संशोधन लोगों को राष्ट्रीय वाहन पंजीकरण चिह्न, भारत (बीएच)-सीरीज़ पेश करते हैं।[82] संशोधनों की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:
सड़क दुर्घटना का इलेक्ट्रॉनिक निरीक्षण और प्रवर्तन
Shashank Srivastava (shashank@prsindia.org)
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन एक्ट, 1988 के अंतर्गत केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधनों को अधिसूचित किया।[83] 1989 के नियम चालान जारी करने और उनके भुगतान की प्रक्रिया का विवरण देते हैं।[84] 2021 के संशोधन सड़कों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के प्रावधान पेश करते हैं। [85] संशोधनों की मुख्य विशेषताएं हैं:
रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए ड्राफ्ट मॉडल कंसेशन समझौता जारी
Saket Surya (saket@prsindia.org)
रेलवे बोर्ड ने सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए मॉडल कंसेशन समझौते के ड्राफ्ट जारी किया।[86] कंसेशन समझौते के अंतर्गत प्रमुख प्रावधान हैं:
ड्राफ्ट पर 3 सितंबर, 2021 तक टिप्पणियां आमंत्रित हैं।
पर्यावरण
Aditya Kumar (aditya@prsindia.org)
एनसीआर और निकटवर्ती इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग गठित करने वाला बिल संसद में पारित
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन हेतु आयोग बिल, 2021 को संसद में पारित कर दिया गया।[87] बिल अप्रैल 2021 में ऐसे ही प्रावधानों वाले अध्यादेश का स्थान लेता है।[88] ऐसा एक अध्यादेश, जोकि अक्टूबर 2020 में जारी किया गया था, मार्च में लैप्स हो गया था।[89]
बिल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) तथा निकटवर्ती इलाकों में वायु गुणवत्ता से संबंधित समस्याओं के बेहतर समन्वय, अनुसंधान, उन्हें पहचानने और उनका हल करने के लिए आयोग के गठन का प्रावधान करता है। निकटवर्ती इलाकों में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों के क्षेत्र और दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी तथा एनसीआर के क्षेत्र आते हैं जहां प्रदूषण का कोई स्रोत एनसीआर की वायु गुणवत्ता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर सकता है। बिल 1998 में एनसीआर में स्थापित पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम और नियंत्रण अथॉरिटी को भंग करता है। इसकी मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:87
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
प्लास्टिक कचरा प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 अधिसूचित
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने प्लास्टिक कचरा प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 को अधिसूचित किया।[90] ड्राफ्ट नियम मार्च 2021 में सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए जारी किए गए थे।[91] 2021 नियम प्लास्टिक कचरा प्रबंधन नियम, 2016 में संशोधन करते हैं।[92] नियम प्लास्टिक कचरे को कम करने का प्रावधान करते हैं। प्रमुख संशोधनों में शामिल हैं:
शिक्षा
लद्दाख में केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने वाला बिल संसद में पारित
Omir Kumar (omir@prsindia.org)
केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) बिल, 2021 को संसद में पारित किया गया। यह बिल केंद्रीय विश्वविद्यालय एक्ट, 2009 में संशोधन करता है।[93] 2009 के एक्ट में विभिन्न राज्यों में शिक्षण और अनुसंधान के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों की स्थापना का प्रावधान है। 2021 के बिल में लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश में सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रावधान है।
स्कूल लॉकडाउन के कारण लर्निंग में आने वाली कमी और स्कूल दोबारा खोलने की योजना पर स्टैंडिंग कमिटी ने रिपोर्ट सौंपी
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा एवं खेल संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: विनय सहस्रबुद्धे) ने स्कूल लॉकडाउन के कारण लर्निंग में आने वाली कमी तथा स्कूल दोबारा खोलने की योजना’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[94] कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
कृषि
Shashank Srivastava (shashank@prsindia.org)
नारियल विकास बोर्ड (संशोधन) बिल, 2021 संसद में पारित
नारियल विकास बोर्ड (संशोधन) बिल, 2021 को संसद में पारित कर दिया गया।[95] बिल नारियल विकास बोर्ड एक्ट, 1979 में संशोधन करता है। इस एक्ट के अंतर्गत नारियल उद्योग के विकास के लिए नारियल विकास बोर्ड की स्थापना की गई है। यह बिल बोर्ड के संयोजन में संशोधन करने का प्रयास करता है ताकि उसके प्रबंधन और प्रशासन में सुधार किया जा सके। बिल की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
बिल पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
खाद्यान्न की खरीद, स्टोरेज और वितरण पर रिपोर्ट सौंपी गई
Suyash Tiwari (suyash@prsindia.org)
खाद्य, उपभोक्ता मामले और सार्वजनिक वितरण संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: सुदीप बंदोपाध्याय) ने ‘भारतीय खाद्य निगम द्वारा खाद्यान्नों की खरीद, स्टोरेज और वितरण’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[96] भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) राज्य सरकारों की एजेंसियों के साथ मिलकर खाद्यान्नों की खरीद, स्टोरेज और वितरण का काम करता है। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के मूल्यांकन पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
कृषि संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: पी. सी. गद्दीगौदर) ने प्रधानमंत्री फसल बीमा (पीएमएफबीवाई) के मूल्यांकन पर रिपोर्ट सौंपी। पीएमएफबीवाई के अंतर्गत किसानों को उस प्राकृतिक संकट से सुरक्षित रखने के लिए फसल बीमा मिलता है जिनका निवारण नहीं किया जा सकता। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण: पीएमएवाई (जी) पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट
Shashank Srivastava (shashank@prsindia.org)
ग्रामीण विकास संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: प्रतापराव जाधव) ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रमीण: पीएमएवाई (जी) पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[97] पीएमएवाई (जी) को अप्रैल 2016 में शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य 2022 तक ग्रामीण क्षेत्रों में "सभी को आवास" प्रदान करना था, यानी बिना घर या कच्चे घरों में रहने वाले सभी परिवारों को बुनियादी सुविधाओं वाला पक्का घर देना। कमिटी ने कहा कि चरण 1 और 2, यानी दोनों चरणों को मिलाकर देखें तो केवल 51% घरों को ही 31 अगस्त, 2020 तक पूरा किया गया है। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
कैबिनेट ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन- ऑयल पाम को मंजूरी दी
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन - ऑयल पाम योजना को मंजूरी दी।[98] इस योजना का उद्देश्य देश में कच्चे पाम तेल का उत्पादन बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करना है। वर्तमान में भारत की कच्चे पाम तेल की 98% मांग आयात के माध्यम से पूरी की जाती है। योजना की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:
यह योजना नवंबर 2037 तक लागू रहेगी। इस योजना का कुल परिव्यय 11,040 करोड़ रुपए है, जिसमें से 8,844 करोड़ रुपए (80%) केंद्र सरकार और बाकी संबंधित राज्य सरकारें देगी।
वाणिज्य
निर्यात उत्पाद योजना पर शुल्क और करों की छूट अधिसूचित
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने निर्यात उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट संबंधी योजना के लिए दिशानिर्देशों और दरों को अधिसूचित किया।[99] योजना की प्रमुख विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
श्रम
बढ़ती बेरोजगारी और नौकरियों के नुकसान पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट
Shruti Gupta (shruti@prsindia.org)
श्रम संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: भर्तृहरि महताब) ने ‘बढ़ती बेरोजगारी पर कोविड-19 का प्रभाव और संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में नौकरियों/आजीविका का नुकसान’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[100] कमिटी के मुख्य निष्कर्षो और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए पोर्टल लॉन्च
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
केंद्र सरकार ने असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया।[101],[102] पोर्टल 38 करोड़ असंगठित श्रमिकों को पंजीकृत करने का प्रयास करता है, और इसके जरिए वे केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लागू सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। पोर्टल पर पंजीकरण मुफ्त होगा और इसे ऑनलाइन किया जा सकता है। पंजीकृत श्रमिकों को यूनिक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर वाला ई-श्रम कार्ड मिलेगा और वे कार्ड के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। असंगठित श्रमिकों के पंजीकरण के लिए पोर्टल का प्रबंधन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किया जाएगा।
पोर्टल पर पंजीकृत प्रत्येक असंगठित श्रमिक दो लाख रुपए के दुर्घटना बीमा का पात्र होगा। यदि कोई पंजीकृत कर्मचारी दुर्घटना का शिकार हो जाता है, तो वह मृत्यु या स्थायी विकलागंता पर दो लाख रुपए और आंशिक विकलांगता पर एक लाख रुपए पाने का पात्र होगा।
व्यापारियों और स्वरोजगार प्राप्त व्यक्तियों को राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत लाभ हेतु आधार जरूरी
Shashank Srivastava (shashank@prsindia.org)
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने व्यापारियों, दुकानदारों और स्वरोजगार प्राप्त व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना, 2019 के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आधार की आवश्यकता के लिए एक अधिसूचना जारी की।[103] योजना के अंतर्गत 60 वर्ष का होने के बाद लाभार्थी प्रति माह 3,000 रुपए की न्यूनतम पेंशन के हकदार है।
अधिसूचना में व्यक्तियों को योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आधार होने का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा या आधार प्रमाणीकरण कराना होगा। लाभ के इच्छुक लोगों, जिनके पास आधार नंबर नहीं है (हालांकि आधार प्राप्त करने का हकदार है), को आधार के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद जब तक उसे आधार नहीं मिल जाता, उसे योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए अपने पैन कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, बैंक पासबुक या दूसरे डॉक्यूमेंट्स के साथ अपनी आधार नामांकन पहचान पर्ची पेश करनी होगी।
ऐसे मामलों में जहां फिंगरप्रिंट क्वालिटी के खराब होने, असफल बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण या किसी अन्य वजह से प्रमाणीकरण विफल हो जाता है, प्रमाणीकरण के लिए कुछ उपाय किए जाएंगे। इनमें निम्नलिखित शामिल हैं: (i) फिंगरप्रिंट स्कैनर के साथ आईरिस स्कैनर प्रदान करना, (ii) ऑफलाइन प्रमाणीकरण प्रणाली जैसे आधार वन-टाइम पासवर्ड या टाइम-आधारित वन-टाइम पासवर्ड, और (iii) क्विक रिस्पांस (क्यूआर) कोड रीडर्स जोकि फिजिकल आधार लेटर्स पर छपे क्यूआर कोड के जरिए उसका सत्यापन करता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र लाभार्थी आधार न होने के कारण योजना के लाभों से वंचित न रहे, मंत्रालय अपवादों से निपटने की व्यवस्था करेगा। इसमें निम्नलिखित शामिल होंगे: (i) पहचान के लिए वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर लाभ प्रदान करना, और (ii) विकलांग व्यक्तियों और वरिष्ठ नागरिकों के नामांकन के लिए विशेष व्यवस्था करना।[104]
जल संसाधन
Tushar Chakrabarty (tushar@prsindia.org)
बाढ़ प्रबंधन पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट
जल संसाधन संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: संजय जैसवाल) ने ‘देश में बाढ़ प्रबंधन और चीन, पाकिस्तान एवं भूटान के साथ संधि/समझौते के विशेष संदर्भ के साथ जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जल संधियां’ विषय पर को अपनी रिपोर्ट सौंपी।[105] कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस
Shashank Srivastava (shashank@prsindia.org)
रीटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूशनशिप के आबंटन पर कमिटी की रिपोर्ट
पेट्रोल एवं प्राकृतिक गैस संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: रमेश बिधूड़ी) ने ‘रीटेल आउटलेट्स और एलपीजी डिस्ट्रिब्यूशनशिप का आबंटन’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[106] कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
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ऊर्जा
Aditya Kumar (aditya@prsindia.org)
भारत में ज्वारीय ऊर्जा विकास पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट
ऊर्जा संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: राजीव रंजन सिंह) ने ‘भारत में ज्वारीय ऊर्जा विकास’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[107] ज्वारीय ऊर्जा यानी टाइडल एनर्जी का मतलब है, समुद्री ज्वार की गति से पैदा होने वाली ऊर्जा। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
कोयला ब्लॉक्स के विकास पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट
ऊर्जा संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: राजीव रंजन सिंह) ने ‘बिजली क्षेत्र की कंपनियों को आबंटित कोयला ब्लॉक्स का विकास’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
ऊर्जा क्षेत्र की बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन में देरी पर स्टैंडिंग कमिटी की रिपोर्ट
ऊर्जा संबंधी स्टैंडिंग कमिटी (चेयर: राजीव रंजन सिंह) ने 5 अगस्त, 2021 को ‘ऊर्जा क्षेत्र की कंपनियों द्वारा बिजली परियोजनाओं के कार्यान्वयन/पूरा करने में विलंब’ विषय पर अपनी रिपोर्ट सौंपी।[108] कमिटी ने निम्नलिखित मुद्दों पर गौर किया: (i) 13 में से 12 हाईड्रो प्रॉजेक्ट्स, (ii) 34 में से 30 थर्मल प्रॉजेक्ट्स, (iii) 42 में से 18 ट्रांसमिशन प्रॉजेक्ट्स, और (iv) 26 में से एक रीन्यूएबल प्रॉजेक्ट्स के कार्यान्वयन में देरी हुई थी। इस देरी से समय के साथ-साथ लागत भी बढ़ गई। उदाहरण के लिए 12 हाइड्रो प्रॉजेक्ट्स के कार्यान्वयन में देरी से 100 वर्षों से ज्यादा का कुल समय बढ़ गया और लागत 31,530 करोड़ रुपए बढ़ गई। कमिटी के मुख्य निष्कर्षों और सुझावों में निम्नलिखित शामिल हैं:
कमिटी ने सुझाव दिया कि कॉन्ट्रैक्ट देने के चरण में प्रॉजेक्ट डेवलपर और कॉन्ट्रैक्टर को पूरा ध्यान देना चाहिए और कॉन्ट्रैक्ट के नियम एवं शर्तों पर सावधानी से विचार-विमर्श करना चाहिए। डॉक्यूमेंट्स में कॉन्ट्रैक्ट के हर स्तर पर कड़े नियम और सजा के साथ उपयुक्त उपायों का जिक्र होना चाहिए। थर्मल पावर प्रॉजेक्ट्स को ऋण देने के लिए बैंकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण की उप क्षेत्रीय सीमा को तय करना चाहिए।
कमिटी ने सुझाव दिया कि नियमित समीक्षा बैठकों के अतिरिक्त सभी प्रॉजेक्ट साइट्स पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) आधारित परियोजना प्रबंधन, निगरानी और फॉलोअप प्रणाली शुरू की जानी चाहिए। सभी स्टेकहोल्डर्स (जैसे सप्लायर्स, प्रॉजेक्ट डेवलपर्स और कॉन्ट्रैक्टर्स) से इस प्रणाली की ऑनलाइन कनेक्टिविटी होनी चाहिए
रिपोर्ट पर पीआरएस के सारांश के लिए कृपया देखें।
ड्राफ्ट बिजली (हरित ऊर्जा ओपन एक्सेस के जरिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा) नियम, 2021 पर टिप्पणियां आमंत्रित
ऊर्जा मंत्रालय ने ड्राफ्ट बिजली (हरित ऊर्जा ओपन एक्सेस के जरिए अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा) नियम, 2021 पर टिप्पणियां आमंत्रित कीं।[109] ड्राफ्ट नियम बिजली उपभोक्ताओं के लिए अक्षय ऊर्जा (सौर, पवन और वेस्ट टू एनर्जी जैसे स्रोतों से) के ओपन एक्सेस के लिए एक रूपरेखा का प्रस्ताव करते हैं। ओपन एक्सेस का मतलब है कि उपभोक्ता को स्थानीय क्षेत्र के एकाधिकार वाली यूटिलिटी के अलावा, अपनी पसंद की यूटिलिटी से बिजली खरीदने की अनुमति देना। इस फ्रेमवर्क के अंतर्गत केवल मांग करने वाले या 100 किलोवाट या उससे अधिक के स्वीकृत लोड वाले उपभोक्ता ही पात्र होंगे। नियमों की मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:
ड्राफ्ट नियमों पर 15 सितंबर, 2021 तक टिप्पणियां आमंत्रित हैं।
बिजली (देर से भुगतान पर सरचार्ज) नियम, 2021 पर प्रस्तावित संशोधनों पर टिप्पणियां आमंत्रित
ऊर्जा मंत्रालय ने बिजली (देर से भुगतान पर सरचार्ज) संशोधन नियम, 2021 के ड्राफ्ट पर टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।[110] ड्राफ्ट नियमों में बिजली (देर से भुगतान पर सरचार्ज) नियम, 2021 में संशोधन का प्रस्ताव है।[111]
2021 के नियम एक उत्पादन कंपनी या एक ट्रेडिंग लाइसेंसधारी या ट्रांसमिशन कंपनी को वितरण लाइसेंसधारियों के ओवरड्यू पेमेंट्स पर देर से भुगतान करने पर सरचार्ज लगाने का प्रावधान करते हैं। 2021 के नियम वितरण लाइसेंसधारी द्वारा पहले विलंबित भुगतान सरचार्ज और फिर मासिक शुल्क (सबसे लंबे ओवरड्यू बिल से शुरू) के लिए किसी भी भुगतान के समायोजन का प्रावधान करते हैं।111
ट्रांसमिशन परियोजनाओं और ट्रांसमिशन सेवाओं के संबंध में दिशानिर्देश जारी
ऊर्जा मंत्रालय ने निम्नलिखित के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं: (i) ट्रांसमिशन परियोजनाओं के विकास में प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करना, और (ii) ट्रांसमिशन सेवाओं के लिए शुल्क-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली।[112] ट्रांसमिशन परियोजनाओं के विकास के लिए दिशानिर्देशों की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:112
ट्रांसमिशन सेवाओं की खरीद के लिए दिशानिर्देशों की मुख्य विशेषताओं में निम्नलिखित शामिल हैं:
मौजूदा बिजली मीटरों को प्री-पेड स्मार्ट मीटर से बदलने की समय सीमा अधिसूचित
बिजली मंत्रालय ने मौजूदा बिजली मीटरों को प्रीपेड स्मार्ट मीटर से बदलने की समय सीमा अधिसूचित की।[113] प्री-पेड स्मार्ट मीटर प्री-पेमेंट सुविधा के साथ तकनीकी रूप से उन्नत मीटर (स्वचालित मीटर रीडिंग जैसी सुविधाओं के साथ) होते हैं। इसका मतलब है कि उपभोक्ता बिजली का उपयोग करने के लिए अग्रिम भुगतान करता है। अग्रिम भुगतान को शेष राशि के रूप में मीटर में लोड किया जाता है, जिसे उपभोक्ता के बिजली के उपयोग के आधार पर काट लिया जाता है। इस नई समय सीमा की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
अन्य सभी क्षेत्रों में, प्रीपेड मीटर मार्च 2025 तक लागू किए जाने चाहिए। कम्यूनिकेशन नेटवर्क के अभाव वाले क्षेत्रों में, संबंधित राज्य बिजली रेगुलेटरी आयोग प्री-पेड मीटर के कार्यान्वयन की अनुमति दे सकता है।
दिसंबर 2022 तक सभी फीडरों की मीटरिंग की जानी चाहिए। दिसंबर 2023 तक निम्नलिखित डीटी को मीटर किया जाना जरूरी है: (i) शहरी क्षेत्रों में 50% से अधिक उपभोक्ताओं और 2019-20 में 15% से अधिक एटी एंड सी हानियां के साथ बिजली डिवीजनों के डीटी, और (ii) 2019-20 में 25% से अधिक एटी एंड सी हानियों के साथ अन्य सभी बिजली प्रभागों में डीटी। मार्च 2025 तक अन्य सभी डीटी को मीटर किया जाना चाहिए। 25 किलो वोल्ट-एम्पीयर से कम लोड वाले डीटी और उच्च वोल्टेज वितरण प्रणाली को समय-सीमा के पालन से छूट दी जा सकती है।
संचार
ट्राई ने दूरसंचार की लेयर्स पर आधारित लाइसेंस व्यवस्था पर सुझाव जारी किए
Omir Kumar (omir@prsindia.org)
भारतीय दूरसंचार रेगुलेटरी अथॉरिटी (ट्राई) ने डिफरेंशियल लाइसेंसिंग के माध्यम से दूरसंचार के विभिन्न स्तरों को अलग करने पर अपने सुझाव जारी किए।[114],[115] ऐसा लाइसेंसिंग प्रणाली से निम्नलिखित की उम्मीद की जाती है: (i) निवेश को बढ़ावा देना, व्यापार करने में आसानी, और क्षेत्र में नवाचार, और (ii) दूरसंचार संसाधनों के साझाकरण और इष्टतम उपयोग को सक्षम करना। मौजूदा फ्रेमवर्क के अंतर्गत देश में सभी प्रकार की दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए एक एकीकृत लाइसेंस जारी किया जाता है। एक लाइसेंसधारी एकीकृत लाइसेंस के अंतर्गत दी जाने वाली सेवाओं (जैसे एक्सेस, इंटरनेट, या उपग्रह संचार) को चुन सकता है। एकीकृत लाइसेंस व्यवस्था बुनियादी ढांचे, नेटवर्क, सेवा और एप्लिकेशन जैसे दूरसंचार के विभिन्न लेयर्स के बीच अंतर पैदा नहीं करती है। हाल के वर्षों में निम्नलिखित लाइसेंस पेश किए गए हैं जो एक निश्चित सीमा तक सेग्रेगेशन करते हैं: (i) इंफ्रास्ट्रक्चर स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता लाइसेंस, और (ii) सेवा स्तर पर वर्चुअल नेटवर्क ऑपरेटर (वीएनओ) लाइसेंस। ट्राई ने कहा कि इनमें से किसी भी लाइसेंस के अंतर्गत नेटवर्क लेयर को अलग करने का कोई प्रावधान नहीं है। डिफरेंशियल लाइसेंसिंग पर ट्राई की प्रमुख सिफारिशों में निम्नलिखित शामिल हैं:
ट्राई ने ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सुझाव जारी किए
Saket Surya (saket@prsindia.org)
ट्राई ने ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और ब्रॉडबैंड स्पीड बढ़ाने संबंधी रोडमैप पर अपने सुझाव जारी किए हैं।[116] उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति 2018 का लक्ष्य 2022 तक सभी के लिए ब्रॉडबैंड का प्रावधान करना है।[117] इस नीति के मद्देनजर दूरसंचार विभाग ने इस विषय पर ट्राई के सुझाव मांगे थे। ट्राई के प्रमुख सुझाव इस प्रकार हैं:
इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी
Saket Surya (saket@prsindia.org)
स्टार्टअप एक्सेरेटर को सहयोग देने के लिए समृद्ध योजना प्रारंभ
इलेक्ट्रॉनिक्स और इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने उत्पाद, नवाचार विकास और वृद्धि के लिए एमईआईटीवाई के स्टार्ट-अप एक्सीलेरेटर (समृद्ध) नाम से एक नई योजना शुरू की।[118] यह योजना उत्पाद-आधारित सॉफ़्टवेयर स्टार्टअप्स को बड़े पैमाने पर मदद करने वाले स्टार्टअप एक्सेलेरेटर को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। एक्सेलेरेटर ऐसी संस्थाएं हैं जो शिक्षा, परामर्श और वित्तपोषण के माध्यम से शुरुआती चरण के स्टार्टअप का सहयोग करती हैं। इस योजना के अंतर्गत तीन वर्षों में कुल वित्तीय परिव्यय 99 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है। योजना की मुख्य विशेषताएं हैं:
[1] Vital Stats, Parliament functioning in Monsoon Session 2021, August 11, https://prsindia.org/files/parliament/session_track/2021/vital_stats/Vital%20Stats_Monsoon%20Session%202021.pdf.
[2] Ministry of Health and Family Welfare website, last accessed on September 1, 2021, https://www.mohfw.gov.in/index.html.
[3] Ministry of Health and Family Welfare website, last accessed on August 1, 2021, https://www.mohfw.gov.in/index.html.
[4] “Cumulative Coverage Report of COVID-19 Vaccination”, Ministry of Health and Family Welfare, August 31, 2021, https://www.mohfw.gov.in/pdf/CummulativeCovidVaccinationReport30August2021.pdf.
[5] Order No 40-3/2020-DM-I (A), Ministry of Home Affairs, July 28, 2021, https://www.mha.gov.in/sites/default/files/MHAOrder_extendexistingorder_28072021.pdf.
[6] Order No. 40-3/2020-DM-I(A), Ministry of Home Affairs, August 28, 2021, https://www.mha.gov.in/sites/default/files/MHAOrderextendthevalidity_28082021.pdf.
[7] DBT-BIRAC supported ZyCoV-D developed by Zydus Cadila Receives Emergency Use Authorization, Press Information Bureau, Ministry of Science and Technology, August 20, 2021.
[8] Genomic Surveillance for SARS-CoV-2 in India, July 15, 2021, https://www.mohfw.gov.in/pdf/INSACOGGuidanceDocumentdated15July2021final.pdf.
[9] Standard Operating Procedure for epidemiological surveillance and response in the context of new variant of SARS-CoV-2 virus detected in United Kingdom, Ministry of Health and Family Welfare, December 22, 2020, https://www.mohfw.gov.in/pdf/SOPforSurveillanceandrespo nseforthenewSARSCov2variant.pdf.
[10] Guidelines for domestic travel (flight/train/ship/bus inter-state travel) in supersession of guidelines issued on 24.05.2020, Ministry of Health and Family Welfare, August 25, 2021, https://www.mohfw.gov.in/pdf/Guidelinesfordomestictravelflighttrainshipbusinterstatetravel.pdf.
[11] No. 4/1/2020-IR, Director General of Civil Aviation, August 29, 2021, https://twitter.com/DGCAIndia/status/1431862315729645569/photo/1.
[12] No. 4/1/2020-IR, Director General of Civil Aviation, August 29, 2021, https://twitter.com/DGCAIndia/status/1421016706432995333/photo/1.
[13] Estimates of Gross Domestic Product for the First Quarter (April-June) 2021-2022, National Statistical Office, Ministry of Statistics & Programme Implementation, August 31, 2021, https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2021/aug/doc202183111.pdf.
[14] Monetary Policy Statement, 2021-22, Resolution of the Monetary Policy Committee, Reserve Bank of India, August 6, 2021, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/PressRelease/PDFs/PR6443CF5BB35A0BD4F06BA210A9564B448D5.PDF.
[15] Quick estimates of Index of Industrial Production and use-based index for the month of June, 2021, Ministry of Statistics and Programme Implementation, August 12, 2021, http://mospi.nic.in/sites/default/files/iipjun21.pdf.
[16] The Taxation Laws (Amendment) Bill, 2021, Ministry of Finance, August 9, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/LSBillTexts/PassedLoksabha/120C_2021_ls_Eng.pdf.
[17] The Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (Amendment) Bill, 2021, Ministry of Finance, August 9, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/RSBillTexts/PassedRajyaSabha/deposit%20rs%20pass-04082021-E.pdf.
[18] The Limited Liability Partnership (Amendment) Bill, 2021, Rajya Sabha, August 4, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/RSBillTexts/PassedRajyaSabha/LLP%20rs%20pass-04082021-E.pdf.
[19] The Limited Liability Partnership Act, 2008, Ministry of Corporate Affairs, as accessed on August 25, 2021, https://mca.gov.in/content/mca/global/en/acts-rules/ebooks/acts.html?act=NDkwMg.
[20] The General Insurance Business (Nationalisation) Amendment Bill, 2021, Rajya Sabha, August 4, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/RSBillTexts/PassedRajyaSabha/deposit%20rs%20pass-04082021-E.pdf.
[21] The General Insurance Business (Nationalisation) Act, 1972, Legislative Department, Ministry of Law and Justice, https://legislative.gov.in/sites/default/files/A1972-57.pdf.
[22] The Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Bill, 2021, Lok Sabha, July 28, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/LSBillTexts/PassedLoksabha/104-C_2021_LS_Eng.pdf.
[23] The Insolvency and Bankruptcy Code, 2016, Insolvency and Bankruptcy Board of India, May 28, 2016, https://ibbi.gov.in//uploads/legalframwork/af0143991dbbd963f47def187e86517f.pdf.
[24] The Insolvency and Bankruptcy Code (Amendment) Ordinance, 2021, Insolvency and Bankruptcy Board of India, April 4, 2021, https://ibbi.gov.in//uploads/legalframwork/04af067c22275dd1538ab2b1383b0050.pdf.
[25] Report No. 32: Implementation of Insolvency and Bankruptcy Code- Pitfalls and Solutions, Standing Committee on Finance, August 3, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Finance/17_Finance_32.pdf.
[26] Insolvency and Bankruptcy Code, 2016, Ministry of Corporate Affairs, https://www.mca.gov.in/Ministry/pdf/TheInsolvencyandBankruptcyofIndia.pdf.
[27] “Finance Minister launches the National Monetisation Pipeline”, Press Information Bureau, NITI Aayog, August 23, 2021.
[28] Draft Foreign Exchange Management (Non-debt Instruments - Overseas Investment) Rules, 2021, Reserve Bank of India, August 9, 2021, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/Content/PDFs/FEMRULES750E1F9F46AE48DB8ED6AE6673BC88DC.PDF.
[29] Foreign Exchange Management (Overseas Investment) Regulations, 2021, Reserve Bank of India, August 9, 2021, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/Content/PDFs/FEMREGULATIONSDB0E98FD6EA0450C832E8CF5BB83E7B2.PDF.
[30] Foreign Exchange Management (Transfer or Issue of Any Foreign Security) (Amendment) Regulations, 2004, Reserve Bank of India, July 7, 2004, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/notification/PDFs/60901.pdf.
[31] Foreign Exchange Management (Acquisition and transfer of immovable property outside India) Regulations, 2015, Reserve Bank of India, January 21, 2016, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/notification/PDFs/FEMA7R96F2D8FDA254469C84C3F52330C771AF.PDF.
[32] “Know all about e-RUPI, the new digital payment instrument”, Press Information Bureau, Ministry of Finance, August 23, 2021, https://pib.gov.in/PressReleaseIframePage.aspx?PRID=1743056.
[33] “Reserve Bank of India introduces the Financial Inclusion Index”, Press Releases, Reserve Bank of India, August 17, 2021, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/PressRelease/PDFs/PR7033B7A01D0DF9D459D9FF992B53A5538C1.PDF.
[34] Report of the Expert Committee on Urban Co-Operative Banks, Reserve Bank of India, August 23, 2021, https://rbidocs.rbi.org.in/rdocs//PublicationReport/Pdfs/EXPERTCOMMITTEEUCBS4CC84D84A3E64484B7ADD2D1DCB11D3D.PDF.
[35] SEBI Board Meeting, Securities and Exchange Board of India, August 6, 2021, https://www.sebi.gov.in/media/press-releases/aug-2021/sebi-board-meeting_51707.html.
[36] Securities and Exchange Board of India (Issue of Capital and Disclosure Requirements) Regulations, 2018, Securities and Exchange Board of India, September 11, 2018, https://www.sebi.gov.in/legal/regulations/may-2021/securities-and-exchange-board-of-india-issue-of-capital-and-disclosure-requirements-regulations-2018-last-amended-on-may-05-2021-_41542.html.
[37] The Essential Defence Services Bill, 2021, Ministry of Defence, August 5, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/LSBillTexts/PassedLoksabha/101C_LS_Eng_2021.pdf.
[38] The Essential Defence Services Ordinance, 2021, Gazette of India, Ministry of Law and Justice, June 30, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228004.pdf
[39] The Tribunals Reforms Act, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228989.pdf.
[40] The Tribunals Reforms (Rationalisation and Conditions of Service) Ordinance, 2021, April 4, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/226364.pdf.
[41] Madras Bar Association vs Union of India, W.P.(C) No. 502 of 2021, Supreme Court of India, July 14, 2021, https://main.sci.gov.in/supremecourt/2021/10688/10688_2021_36_1501_28573_Judgement_14-Jul-2021.pdf.
[42] The Finance Act, 2017, Ministry of Law and Justice, March 31, 2017, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2017/175141.pdf.
[43] The Constitution (Scheduled Tribes) Order (Amendment) Bill, 2021, Ministry of Tribal Affairs, August 9, 2021, https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2021/Constitution%20ST%20Order%20Amendment%20Bill,%202021%20Bill%20Text.pdf.
[44] The Constitution (Scheduled Tribes) Order, 1950, Ministry of Tribal Affairs, https://prsindia.org/files/bills_acts/bills_parliament/2021/The%20Constitution%20(Scheduled%20Tribes)%20Order%20(Amendment)%20Act,%202021.pdf.
[45] Report no. 23, Standing Committee on Social Justice and Empowerment: ‘Assessment of Scheme for Implementation of the Rights of Persons with Disabilities Act, 2016 (SIPDA)’, Lok Sabha, August 6, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Social%20Justice%20&%20Empowerment/17_Social_Justice_And_Empowerment_23.pdf.
[46] S.O. 3123(E), Ministry of Social Justice and Empowerment, Gazette of India, August 3, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228751.pdf.
[47] S.O. 76(E), Ministry of Social Justice and Empowerment, Gazette of India, January 4, 2018, https://upload.indiacode.nic.in/showfile?actid=AC_CEN_25_54_00002_201649_1517807328299&type=notification&filename=Guidelines%20notification_04.01.2018.pdf.
[48] S.O. 3366(E) and S.O. 3367(E), Ministry of Social Justice and Empowerment, Gazette of India, August 18, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/229096.pdf.
[49] The Rights of Persons with Disabilities Act, 2016, https://legislative.gov.in/sites/default/files/A2016-49_1.pdf.
[50] The National Commission for Indian System of Medicine (Amendment) Bill, 2021, August 19, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/229153.pdf.
[51] The National Commission for Indian System of Medicine Act, 2020, September 21, 2020, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2020/221863.pdf.
[52] The Indian Medicine Central Council Act, 1970, https://legislative.gov.in/sites/default/files/A1970-48_0.pdf.
[53] The National Commission for Homoeopathy (Amendment) Act, 2021, August 19, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/229156.pdf.
[54] The National Commission for Homoeopathy Act, 2020, September 21, 2020, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2020/221864.pdf.
[55] The Homoeopathy Central Council Act, 1973, https://legislative.gov.in/sites/default/files/A1973-59.pdf.
[56] The Homoeopathy Central Council (Amendment) Act, 2018, August 13, 2018, https://egazette.nic.in/writereaddata/2018/188510.pdf
[57] Report No. 23: The National Institute of Pharmaceutical Education and Research (Amendment) Bill, 2021, Standing Committee on Chemicals and Fertilisers, August 4, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Chemicals%20&%20Fertilizers/17_Chemicals_And_Fertilizers_23.pdf.
[58] The National Institute of Pharmaceutical Education and Research (Amendment) Bill, 2021, Ministry of Health and Family Welfare, http://164.100.47.4/billstexts/lsbilltexts/asintroduced/24_2007.pdf.
[59] The National Institute of Pharmaceutical Education and Research Act, 1998, Ministry of Health and Family Welfare, https://legislative.gov.in/sites/default/files/A1998-13.pdf.
[60]The Inland Vessels Bill, 2021, Ministry of Ports, Shipping and Waterways, July 22, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/LSBillTexts/Asintroduced/99_ 2021_LS_Eng.pdf.
[61]The Inland Vessels Act, 1917, Ministry of Ports, Shipping and Waterways, https://legislative.gov.in/sites/default/files/A1917-01.pdf.
[62] The Airports Economic Regulatory Authority of India (Amendment) Bill, 2021, Ministry of Civil Aviation, August 4, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/LSBillTexts/PassedLoksabha/77-C_2021_LS_ENG.pdf.
[63] Report no 297 on functioning of Airports Authority of India, Standing Committee on Transport, Tourism and Culture, August 2, 2021, https://rajyasabha.nic.in/rsnew/Committee_site/Committee_File/ReportFile/20/148/297_2021_8_11.pdf.
[64] Report No. 300, Standing Committee on Transport, Tourism and Culture ‘Promotion of Infrastructure in India's Maritime Sector, Rajya Sabha, August 4, 2021, https://rajyasabha.nic.in/rsnew/Committee_site/Committee_File/ReportFile/20/148/300_2021_8_13.pdf.
[65] G.S.R. 589 (E), Gazette of India, Ministry of Civil Aviation, August 25, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/229221.pdf.
[66] Unmanned Aircraft System Rules, 2021, Ministry of Civil Aviation, March 12, 2021, https://www.dgca.gov.in/digigov-portal/?page=jsp/dgca/InventoryList/RegulationGuidance/Rules/The%20Unmanned%20Aircraft%20System%20Rules/UAS%20Rules,%202021.pdf.
[67] The Aircraft Act, 1934, Ministry of Civil Aviation, https://legislative.gov.in/sites/default/files/A1934-22_0.pdf.
[68] Draft Civil Aviation Requirements: Procedure for examination of the aviation personnel for consumption of Psychoactive Substances, Directorate General of Civil Aviation, August 25, 2021, https://www.dgca.gov.in/digigov-portal/Upload?flag=iframeAttachView&attachId=150615658.
[69] The Aircraft Rules, 1937, Ministry of Civil Aviation, https://upload.indiacode.nic.in/showfile?actid=AC_CEN_36_0_00013_193422_1523351174422&type=rule&filename=Aircraft%20Rules%201937.pdf.
[70] G.S.R. 526 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 2, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228706.pdf/.
[71] G.S.R. 527 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 2, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228713.pdf.
[72] G.S.R. 528 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 2, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228725.pdf.
[73] “Draft Rules published to fast track Hit&Run Accident investigations and settlement of claims with enhanced compensation”, Press Information Bureau, Ministry of Road Transport and Highways, August 4, 2021.
[74] G.S.R. 525 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 2, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228692.pdf.
[75] Motor Vehicles Act, 1988, Ministry of Road Transport and Highways, https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/1798/1/AAA1988___59.pdf.
[76] Central Motor Vehicles Rules, 1989, Ministry of Road Transport and Highways, https://morth.nic.in/sites/default/files/CMVR-chapter5_1.pdf.
[77] S.O. 3202 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 5, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228832.pdf.
[78] S.O. 3220 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 5, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228901.pdf.
[79] Rent a Cab Scheme, 1989, Ministry of Road Transport and Highways, https://www.cbic.gov.in/resources//htdocs-servicetax/st-profiles/rentcab.pdf.
[80] Rent a Motor Cycle Scheme, 1997, Ministry of Road Transport and Highways, https://himachal.nic.in/WriteReadData/l892s/3_l892s/the_rent_a_motor_cycle_scheme_1997-96609884.pdf.
[81] Motor Vehicles Act, 1988, Ministry of Road Transport and Highways, https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/1798/1/AAA1988___59.pdf.
[82] G.S.R. 594 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 26, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/229283.pdf.
[83] Motor Vehicles Act, 1988, Ministry of Road Transport and Highways, https://www.indiacode.nic.in/bitstream/123456789/1798/1/AAA1988___59.pdf
[84] Central Motor Vehicles Rules, 1989, Ministry of Road Transport and Highways, https://morth.nic.in/sites/default/files/CMVR-chapter5_1.pdf.
[85] G.S.R. 575 (E), Gazette of India, Ministry of Road Transport and Highways, August 11, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/229080.pdf.
[86] “Draft Document for discussion on re-development of Railway Station”, Railway Board, Ministry of Railways, August 27, 2021, https://indianrailways.gov.in/railwayboard/uploads/directorate/Station_Development/2021/Draft%20MCA%2027_08_21.pdf.
[87] The Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Act, 2021, August 13, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228982.pdf.
[88] The Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Ordinance, 2020, April 13, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/226580.pdf.
[89] The Commission for Air Quality Management in National Capital Region and Adjoining Areas Ordinance, 2020, October 28, 2020, https://www.egazette.nic.in/WriteReadData/2020/222804.pdf
[90] G.S.R. 571 (E), Ministry of Environment, Forest and Climate Change, August 12, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228947.pdf.
[91] G.S.R. 169 (E), Ministry of Environment, Forest and Climate Change, March 11, 2021, http://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/225824.pdf.
[92] G.S.R. 320 (E), Ministry of Environment, Forest and Climate Change, March 18, 2016, https://cpcb.nic.in/displaypdf.php?id=cGxhc3RpY3dhc3RlL1BXTV9HYXpldHRlLnBkZg.
[93] The Central Universities (Amendment) Bill, 2021, Ministry of Education, August 9, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/LSBillTexts/Asintroduced/119_2021_LS-ENG.pdf.
[94] “Report No. 328, Plans for Bridging the Learning Gap caused due to School Lockdown as well as Review of online and offline Instructions and Examinations and Plans for re-opening of Schools”, Standing Committee on Education, Women, Children, Youth, and Sport, August 6, 2021, https://rajyasabha.nic.in/rsnew/Committee_site/Committee_File/ReportFile/16/144/328_2021_8_15.pdf.
[95] The Coconut Development Board (Amendment) Bill, 2021, Ministry of Agriculture and Farmers Welfare, July 29, 2021, http://164.100.47.4/BillsTexts/RSBillTexts/asintroduced/coconut%20as%20int-E.pdf.
[96] Report No. 13, Standing Committee on Food, Consumer Affairs and Public Distribution: ‘Procurement, Storage and Distribution of Foodgrains by Food Corporation of India’, Lok Sabha, August 9, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Food,%20Consumer%20Affairs%20&%20Public%20Distribution/17_Food_Consumer_Affairs_And_Public_Distribution_13.pdf.
[97] Report no 16 on Pradhan Mantri Awaas Yojana – Gramin: PMAY (G), Standing Committee on Rural Development, August 5, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Rural%20Development/17_Rural_Development_16.pdf.
[98] “Cabinet approves implementation of National Mission on Edible Oils – Oil Palm”, Press Information Bureau, Ministry of Agriculture and Farmers’ Welfare, August 18, 2021.
[99] Notification No: 19/2015-20, Department of Commerce, Ministry of Commerce and Industry, August 17, 2021, https://static.pib.gov.in/WriteReadData/specificdocs/documents/2021/aug/doc202181701.pdf.
[100] Report No. 25: Impact of COVID-19 on rising unemployment and loss of jobs and livelihoods in organised and unorganised sectors, Standing Committee on Labour, August 3, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Labour/17_Labour_25.pdf.
[101] “Registration of Unorganized Workers begins across the Country as Government of India launches the e-Shram Portal”, Press Information Bureau, August 26, 2021, https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1749294.
[102] e-Shram, Ministry of Labour and Employment, https://eshram.gov.in/.
[103] S.O. 3219(E), Ministry of Labour and Employment, Gazette of India, August 3, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/228913.pdf.
[104] Office Memorandum No. D-26011/04/2017-DBT, Cabinet Secretariat (Direct Benefit Transfer Mission), Government of India, December 19, 2017, https://dbtbharat.gov.in/data/om/Aadhaar_Exception_Handling_OM_19122017.pdf.
[105] Flood Management in the Country including International Water Treaties in the field of Water Resource Management with particular reference to Treaty/Agreement entered into with China, Pakistan and Bhutan, Standing Committee on Water Resources, August 5, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Water%20Resources/17_Water_Resources_12.pdf.
[106] Eighth report on allotment of retail outlets and LPG distributorships, Standing Committee on Petroleum and Natural Gas, August 6, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Petroleum%20&%20Natural%20Gas/17_Petroleum_And_Natural_Gas_8.pdf.
[107] Report No. 20 – Tidal Power Development in India, Standing Committee on Energy 2020-21, August 5, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Energy/17_Energy_20.pdf.
[108] Report No. 19 – Delay in Execution/Completion of Power Projects by Power Sector Companies, Standing Committee on Energy, August 5, 2021, http://164.100.47.193/lsscommittee/Energy/17_Energy_19.pdf.
[109] Draft Electricity (Promoting renewable energy through Green Energy Open Access) Rules, 2021, Ministry of Power, August 16, 2021, https://powermin.gov.in/sites/default/files/webform/notices/Seeking_comments_on_Draft_Electricity_Promoting_renewable_energy_through_Green_Energy_Open_Access%20_Rules_2021.pdf.
[110] Draft Electricity (Late Payment Surcharge) Amendment Rules, 2021, Ministry of Power, August 19, 2021, https://powermin.gov.in/sites/default/files/webform/notices/Seeking_comments_on_Draft_Electricity_Late_Payment_Surcharge_Amendment_Rules_2021.pdf.
[111] The Electricity (Late Payment Surcharge) Rules, 2021, Ministry of Power, February 22, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/225360.pdf.
[112] Guidelines for Encouraging Competition in Development of Transmission Projects, Ministry of Power, August 10, 2021, https://powermin.gov.in/sites/default/files/webform/notices/Guidelines.pdf.
[113] F. No. 23/35/2019-R&R, Ministry of Power, August 17, 2021, https://egazette.nic.in/WriteReadData/2021/229126.pdf.
[114] Recommendations on Enabling Unbundling of Different Layers Through Differential Licensing, Telecom Regulatory Authority of India, August 19, 2021, https://www.trai.gov.in/sites/default/files/Recommendation_19082021_0.pdf.
[115] TRAI releases Recommendations on 'Enabling Unbundling of Different Layers Through Differential Licensing, Telecom Regulatory Authority of India, August 19, 2021, https://www.trai.gov.in/sites/default/files/PR_No.36of2021.pdff
[116] “Recommendations on Roadmap to Promote Broadband Connectivity and Enhanced Broadband Speed”, Telecom Regulatory Authority of India, August 31, 2021, https://www.trai.gov.in/sites/default/files/Recommendations_31082021_0.pdf.
[117] National Digital Communications Policy 2018, Ministry of Electronics and Information Technology, https://dot.gov.in/sites/default/files/EnglishPolicy-NDCP.pdf.
[118] “SAMRIDH Scheme Document”, Ministry of Electronics and Information Technology, August 31, 2021, https://www.meity.gov.in/writereaddata/files/SAMRIDH%20Scheme%20Document.pdf.
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